1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. सड़कों पर जानवर छोड़ने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई, MoRTH ने जारी किया सर्कुलर

सड़कों पर जानवर छोड़ने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई, MoRTH ने जारी किया सर्कुलर

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Sep 19, 2026 01:23 pm IST,  Updated : Sep 19, 2026 01:23 pm IST

राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार में गुजर रही गाड़ियों के आगे अचानक पशुओं के आ जाने से गंभीर हादसे होते रहते हैं।

MoRTH, NHAI, national highways, expressway- India TV Hindi
सड़क पर गाय की वजह से हुआ हादसा Image Source : WWW.YOUTUBE.COM@SRIDHARPARTHASARATHY-BLR

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनने वाले आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) शुरू की है। इस नई SOP के तहत राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर जानवरों को लावारिस छोड़ने वाले मालिकों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, पशुओं के मालिकों पर दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस मामले में एक सर्कुलर भी जारी कर दिया है।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी सड़क सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा

सर्कुलर के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्गों (नेशनल हाईवे) पर आवारा पशुओं और अन्य जानवरों की लगातार मौजूदगी सड़क सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बनी हुई है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने एक स्वतः संज्ञान रिट याचिका में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को राष्ट्रीय राजमार्गों/एक्सप्रेसवे से आवारा पशुओं को सुरक्षित हटाने का निर्देश दिया था। राजमार्ग एजेंसियों और राज्य सरकारों को जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में कहा गया कि राष्ट्रीय राजमार्गों/ एक्सप्रेसवे से आवारा पशुओं को हटाने और आश्रय स्थलों तक पहुंचाने का खर्च संबंधित राजमार्ग एजेंसी द्वारा वहन किया जाएगा। 

गौशालाओं के रिकॉर्ड का किया जाएगा रखरखाव

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एसओपी में कहा है, ''गौशालाओं के रिकॉर्ड का रखरखाव किया जाए और पशु मालिकों का पता लगाने के साथ ही उनके खिलाफ लागू शुल्क और जुर्माना वसूलने के लिए कार्रवाई शुरू की जाए।'' 

मवेशी अतिचार अधिनियम, 1871 के तहत राज्य सरकार भी कर सकती है कार्रवाई

राज्य सरकारों को मवेशी अतिचार अधिनियम, 1871 के तहत कार्रवाई शुरू करने का अधिकार है। राज्य सरकारें मवेशियों के मालिकों के खिलाफ मवेशी अतिचार अधिनियम, 1871 के प्रावधान लागू कर सकती हैं। धारा 25 में मवेशियों के अतिचार (बिना अनुमति घुसने) से हुए नुकसान के लिए लगाए गए जुर्माने की वसूली, उन मवेशियों को बेचकर करने का प्रावधान है। ये नियम तब भी लागू होता है, चाहे मवेशी अतिचार करते हुए पकड़े गए हों या बाद में, और चाहे वे अपराधी के हों या अपराध के समय सिर्फ उसकी देखरेख में हों।

हादसों में कमी आने की उम्मीद

बताते चलें कि राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार में गुजर रही गाड़ियों के आगे अचानक पशुओं के आ जाने से गंभीर हादसे होते रहते हैं। ऐसे हादसों की वजह से कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं। ऐसे में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के इस फैसले से इस तरह के हादसों में कमी आने की उम्मीद है।

ये भी पढ़ें

26.50 रुपये पर पहुंचा GMP Price, आईपीओ को मिला 181 गुना सब्सक्रिप्शन, 23 सितंबर को लिस्ट होगी कंपनी

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा