Shani Pradosh Vrat 2026 Puja Muhurat, Vidhi: जब प्रदोष व्रत शनिवार के दिन पड़ता है तो उसे शनि प्रदोष व्रत कहते हैं। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस व्रत को रखने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही शनि के दोषों से भी छुटकारा मिल जाता है। इतना ही नहीं शनि प्रदोष व्रत कालसर्प दोष और पितृ दोष आदि के निवारण हेतु भी उत्तम माना जाता है। यहां आप जानेंगे शनि प्रदोष व्रत की पूजा विधि और मुहूर्त।
शनि प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त 2026 (Shani Pradosh Vrat 2026 Puja Muhurat)
शनि प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 14 फरवरी 2026 की शाम 06:10 से 08:44 बजे तक रहेगा। ये प्रदोष काल पूजा समय है जो भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
शनि प्रदोष व्रत की पूजा विधि (Shani Pradosh Vrat Puja Vidhi)
- प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद साफ वस्त्र पहनें।
- भगवान शिव की बेलपत्र, अक्षत, दीप, धूप, गंगाजल आदि से विधि विधान पूजा करें।
- दिन भर उपवास रहें और शाम की पूजा से पहले फिर से स्नान करें।
- शाम में भगवान शिव की विधि विधान पूजा करें और प्रदोष व्रत की कथा सुनें।
- कथा सुनने के बाद भगवान को भोग लगाएं और आरती उतारें।
- पूजा के बाद आप सात्विक भोजन कर सकते हैं।
- कुछ लोग ये व्रत फलाहार करके रखते हैं तो कुछ एक समय भोजन करके ये व्रत करते हैं। आपकी जैसी इच्छा हो वैसे ये व्रत रखें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
यह भी पढ़ें: