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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- "पटाखों पर पूरी तरह बैन नहीं लेकिन 24 घंटे पटाखे जलाने की इजाजत भी नहीं"

 Reported By: Atul Bhatia,  Written By: Rituraj Tripathi
 Published : Sep 30, 2026 01:22 pm IST,  Updated : Sep 30, 2026 02:04 pm IST

सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली से पहले पटाखों पर रोक को लेकर सुनवाई की। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि 24 घंटे पटाखे जलाने की इजाजत भी नहीं दी जा सकती है।

Supreme Court- India TV Hindi
सुप्रीम कोर्ट Image Source : PTI

नई दिल्ली: दिवाली से पहले पटाखों पर रोक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में संतुलित रास्ता निकालेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पूरे देश में पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने से कुछ लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं। 

पटाखे चलाने के लिए समय तय किया जाएगा

कोर्ट ने साफ कहा कि वह देशभर में पूरी तरह बैन के पक्ष में नहीं है। लेकिन साथ ही 24 घंटे पटाखे जलाने की इजाजत भी नहीं दी जा सकती, क्योंकि इससे बुजुर्गों, बीमार लोगों और बच्चों को परेशानी होती है। कोर्ट ने कहा कि वह ऐसा समाधान निकालेगा जिसमें पटाखे चलाने के लिए तय समय होगा और यह भी तय किया जाएगा कि किस तरह के पटाखों की इजाजत होगी।

15 अक्टूबर को अगली सुनवाई 

सुप्रीम कोर्ट ने CPCB और केंद्र सरकार को पटाखों में इस्तेमाल होने वाले बेरियम की जांच और पटाखों के शोर के स्तर यानी डेसिबल लेवल की जांच के लिए संयुक्त टेस्ट करने को कहा है। इस मामले में अब 15 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी।

क्यों हो रही पटाखों की चर्चा?

दरअसल दिवाली आने से पहले ही हर साल देश में प्रदूषण की समस्या को लेकर चर्चाएं शुरू हो जाती हैं। अगर दिल्ली-एनसीआर की बात करें तो यहां तो प्रदूषण बहुत गंभीर रहता है, खासकर सर्दियों और दिवाली के आसपास। ऐसे में पटाखे हवा की गुणवत्ता (AQI) को और खराब करते हैं। ऐसे में कुछ नियमों का पालन आवश्यक हो जाता है क्योंकि एक दिन पटाखे जलाकर बाकी दिन खराब हवा में नहीं जिया जा सकता।

अगर साल 2025 की बात करें तो ग्रीन क्रैकर्स की सीमित बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी। अब फिर प्रदूषण के मद्देनजर याचिका पर सुनवाई हो रही है। इसलिए कोर्ट संतुलित दृष्टिकोण चाहता है, जिससे धार्मिक/सांस्कृतिक भावनाएं भी आहत ना हों, आजीविका (पटाखा उद्योग) भी चले और स्वास्थ्य/पर्यावरण का भी ध्यान रखा जा सके।

अब इस मामले में 15 अक्टूबर को सुनवाई होगी तो ये देखना होगा कि कोर्ट क्या फैसला करता है और पटाखों को लेकर कितनी छूट मिलती है। दिल्लीवालों की नजरें भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं।

साल 2024 में पटाखे बैन होने के बावजूद आतिशबाजी हुई थी। ऐसे में  सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से जवाब मांगा था और पूछा था कि पटाखे बैन होने के बावजूद क्यों हुई आतिशबाजी? इस दौरान पुलिस कमिश्नर को भी नोटिस दिया गया था।

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