रोज एक्सरसाइज करने से शरीर में 'इंसुलिन एब्जॉर्प्शन' बेहतर होता है, ग्लूकोज सही तरह इस्तेमाल होता है और ब्लड शुगर अपने आप कंट्रोल में रहता है। लेकिन ब्लैक कॉफी भी अब वो कर सकती है जो एक्सरसाइज कर रही है। लिवर, पैंक्रियाज और बीटा सेल्स को मजबूत बनाने का काम ब्लैक कॉफी करती है। बिना शक्कर वाली ब्लैक कॉफी सिर्फ एनर्जी ड्रिंक नहीं, एक हेल्थ बूस्टर भी है। इसमें मौजूद 'पॉली-फेनॉल्स' और 'क्लोरो-जेनिक एसिड' इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाते हैं और ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म को सुधारते हैं।
रिसर्च के मुताबिक रोज 3 से 4 कप ब्लैक कॉफी लेने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 30% तक कम हो सकता है। सबसे मजेदार बात फायदा सिर्फ कैफीन से नहीं, कॉफी के एंटीऑक्सीडेंट्स से भी मिलता है। यानि ब्लैक कॉफी उतनी ही असरदार है जितनी रोज की एक्सरसाइज। अगर एक तरफ फिजिकल एक्टिविटी को रखें और दूसरी तरफ कड़वी मगर कमाल की कॉफी को, तब तो शरीर में कब्जा जमा चुकी डायबिटीज भी घबराकर भाग जाएगी। जी हां ये पूरी तरह मुमकिन है क्योंकि कोरियन और जैपनीज रिसर्च में भी ये बात सामने आई है कि ब्लैक कॉफी लेने वालों का ब्लड शुगर ज्यादा स्टेबल रहता है। लेकिन हां कॉफी होनी चाहिए बिना चीनी, बिना दूध वाली और मात्रा हर रोज 3-4 कप से ज्यादा बिल्कुल नहीं। वरना नींद और बीपी पर असर पड़ सकता है।
भारत डायबिटीज कैपिटल बन चुका है। देश की करीब 12% आबादी डायबिटिक है। करीब 16% प्री डायबिटिक हैं और आधे से ज्यादा लोगों को इसका पता तक नहीं कि उन्हें शुगर है। इससे भी बड़ी बात ये कि ये बीमारी अकेली नहीं आती, साथ लाती है दिल की बीमारी, किडनी प्रॉब्लम, नर्व और आंखों की कमजोरी। ऐसे में डायबिटीज को खत्म करना है तो ब्लैक कॉफी के साथ योग और थोड़ी आयुर्वेदिक चीजों को भी डाइट में शामिल कर लें। स्वामी रामदेव से जानते हैं डायबिटीज को खत्म करने के उपाय क्या हैं?
शुगर होगी कंट्रोल
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