1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. यूपी में बच्चा अगवा करके बेचने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़, 9 महीने के बच्चे को बेचने की तैयारी थी, पुलिस ने दबोचा

यूपी में बच्चा अगवा करके बेचने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़, 9 महीने के बच्चे को बेचने की तैयारी थी, पुलिस ने दबोचा

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : May 20, 2026 02:29 pm IST,  Updated : May 20, 2026 02:31 pm IST

यूपी में बच्चा किडनैप करके बेचने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। इस दौरान 9 महीने के एक बच्चे को बरामद भी कर लिया गया है, जिसे रायबरेली से अगवा किया गया था।

Child Kidnapping- India TV Hindi
बच्चा किडनैप करके बेचने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ Image Source : INDIA TV

लखनऊ: यूपी से एक ऐसे बच्चा अगवा करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जो नवजात बच्चों को खरीदने और बेचने का काम करता था। इस मामले में एक अगवा किया गया बच्चा (उम्र-9 महीना) भी बरामद किया गया है और नेटवर्क से जुड़े 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

13 मई 2026 को एक महिला दिल्ली से मध्य प्रदेश जा रही थी और उसके साथ 2 नाबालिग बच्चे थे। लखनऊ रेलवे स्टेशन पर उसकी एक अज्ञात पुरुष और एक अज्ञात महिला से बातचीत होने लगी। इस अज्ञात पुरुष और अज्ञात महिला ने यात्रा के दौरान महिला का विश्वास जीत लिया और रायबरेली रेलवे स्टेशन पहुंचने पर, उसे ढाबे पर खाना खिलाने के बहाने स्टेशन के बाहर ले गए। जब महिला खाना खाने में व्यस्त थी, तब आरोपियों ने उसके लगभग 9 महीने के शिशु को अगवा कर लिया और मौके से फरार हो गए।

रायबरेली पुलिस को जैसे ही इस मामले की शिकायत मिली तो वह एक्टिव हो गई और उसने  बच्चे की बरामदगी तथा आरोपियों की पहचान के लिए कई टीमें सक्रिय कीं। इस दौरान आरोपियों की लोकेशन मुरादाबाद-रामपुर क्षेत्र में मिली। मौके पर पहुंची पुलिस टीमों ने अगवा बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। इस दौरान मुख्य आरोपियों की पहचान रामकुमार दास और उसकी पत्नी रेशमा देवी के रूप में हुई, जो बिहार के अररिया जिले के निवासी हैं। 

पूछताछ में आरोपियों ने क्या बताया?

पुलिस ने पूछताछ में अहम जानकारी पता की और पता लगाया कि ये एक बच्चा अगवा या चोरी करके उन्हें बेचने और खरीदने वाला नेटवर्क है। ये नेटवर्क उन लोगों के बारे में पता लगाता था, जिनके कोई संतान नहीं होती थी। फिर ये नेटवर्क सार्वजनिक क्षेत्रों (जैसे-रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन) पर ऐसे लोगों को ढूंढता था, जिनके पास छोटे बच्चे होते थे। मौका पाकर इस नेटवर्क के लोग सार्वजनिक जगहों से बच्चों को अगवा कर लेते थे और फिर इनका सौदा करके अच्छी कीमत में उन्हें निसंतान दंपतियों को बेच देते थे।

इस नेटवर्क में सभी का काम अलग-अलग होता था। जैसे बच्चा अगवा करने वाली टीम अलग थी। निसंतान दंपतियों को ढूंढने वाली टीम अलग थी। इसके अलावा इस नेटवर्क में कॉन्टैक्ट बनाने वाले, दलाल, क्लीनिक से जुड़े व्यक्ति भी शामिल थे।

इस नेटवर्क का भंडाफोड़ होने पर ये भी पता लगा है कि रुपयों को किन-किन खातों में ट्रांसफर किया गया। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच में जुटी है।

पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया

  • रामकुमार दास - बालक अपहरण में मुख्य आरोपी।
  • रेशमा देवी - बालक अपहरण में सह-आरोपी।
  • किरनजीत उर्फ ​​सरदार आंटी - संपर्क सूत्र और उकसाने वाली।
  • सुमित कुमार - दलाल/मध्यस्थ।
  • संजय कुमार - अपहृत शिशु का संभावित प्राप्तकर्ता।
  • ब्रह्मपाल सिंह - क्लीनिक से जुड़ा व्यक्ति, भूमिका की जांच जारी है।
  • अर्चना - पूर्व बाल हस्तांतरण व्यवस्था में भूमिका की जांच जारी है।
  • बबीता - भूमिका की जांच जारी है।
  • हरिश्चंद्र - बच्चों की तस्वीरें प्राप्त करने के संबंध में भूमिका की जांच जारी है।
Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। उत्तर प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।