भारतीय टेलीविजन की दुनिया का इतिहास जितना शानदार रहा है, इसके पीछे उतने ही कुछ ऐसे दर्दनाक हादसे भी छुपे हैं जिन्हें याद करके आज भी लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। एक दौर ऐसा था जब तकनीक और सुरक्षा के इंतजाम आज जितने पुख्ता नहीं हुआ करते थे। ऐसे ही समय में एक बेहद लोकप्रिय और बड़े बजट के धारावाहिक की शूटिंग के दौरान एक ऐसा खौफनाक हादसा हुआ, जिसने पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया। सेट पर सब कुछ बेहद सामान्य चल रहा था, कलाकार और क्रू मेंबर्स अपने-अपने कामों में व्यस्त थे, लेकिन कुछ ही पलों में वहां की स्थिति बिल्कुल बदल गई। अचानक लगी एक भीषण आग ने पूरे सेट पर ऐसी अफरा-तफरी और चीख-पुकार मचाई कि लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। यह महज एक छोटा हादसा नहीं था, बल्कि इसमें दर्जनों बेकसूर लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
'द स्वॉर्ड ऑफ टीपू सुल्तान' और वो खौफनाक दिन
आज हम जिस धारावाहिक की बात कर रहे हैं, उसका नाम है 'द स्वॉर्ड ऑफ टीपू सुल्तान'। यह 90 के दशक का एक बेहद भव्य और ऐतिहासिक शो था, जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। इस शो के निर्माता, निर्देशक और मुख्य अभिनेता खुद मशहूर फिल्ममेकर संजय खान थे। उनके साथ शो में दीपिका चिखलिया, अनंत महादेवन और शहबाज खान जैसे दिग्गज कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे थे। दूरदर्शन पर यह शो 25 फरवरी 1990 से 14 अप्रैल 1991 तक प्रसारित हुआ था। हालांकि अपनी सफलता और बेहतरीन कहानी के साथ-साथ यह शो टेलीविजन इतिहास के सबसे बड़े और भीषण हादसे के लिए भी जाना जाता है। 8 फरवरी 1989 का वह दिन इस शो की पूरी टीम के लिए सबसे काला और डरावना दिन साबित हुआ।
मैसूर प्रीमियर स्टूडियो में लगी भीषण आग
इस ऐतिहासिक धारावाहिक की शूटिंग कर्नाटक के मैसूर में स्थित प्रसिद्ध प्रीमियर स्टूडियो में चल रही थी। एक बड़े दृश्य को फिल्माने की तैयारी थी, तभी अचानक सेट पर आग भड़क उठी। स्टूडियो के भीतर वेंटिलेशन की कमी और ज्वलनशील सामग्रियों की मौजूदगी के कारण आग ने चंद मिनटों में ही विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयानक थी कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस दर्दनाक हादसे में लगभग 60 लोगों की झुलसकर मौत हो गई थी, जिनमें कई जूनियर कलाकार, तकनीशियन और क्रू मेंबर्स शामिल थे।
संजय खान की 70 सर्जरी और मौत से जंग
इस अग्निकांड ने न सिर्फ क्रू मेंबर्स की जान ली, बल्कि शो के मुख्य अभिनेता संजय खान भी इसकी चपेट में आ गए। वह इस हादसे में बेहद गंभीर रूप से झुलस गए थे। डॉक्टरों के मुताबिक उनका शरीर करीब 65 प्रतिशत तक जल चुका था और वह थर्ड डिग्री बर्न का शिकार हुए थे। उनकी हालत इतनी नाजुक थी कि उनके बचने की उम्मीद बेहद कम थी। संजय खान को लगभग 13 महीनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़नी पड़ी। इस लंबे और दर्दनाक इलाज के दौरान उनकी स्थिति को सुधारने के लिए 70 से भी अधिक सर्जरी की गईं। इस भयानक त्रासदी के बाद शो की शूटिंग को तुरंत रोक दिया गया था और करीब छह महीने तक सेट पर सन्नाटा पसरा रहा। इस हादसे को आज भी भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के इतिहास का सबसे दर्दनाक और भयावह हादसा माना जाता है, जिसने सुरक्षा मानकों को लेकर कई बड़े सवाल खड़े किए थे।
'द स्वॉर्ड ऑफ टीपू सुल्तान' का प्लॉट
यह धारावाहिक भगवान एस गिडवानी के उपन्यास पर आधारित एक ऐतिहासिक ड्रामा है। शो का मुख्य प्लॉट 18वीं शताब्दी में मैसूर साम्राज्य के शासक रहे टीपू सुल्तान (संजय खान) के जीवन, उनके संघर्ष, शौर्य और देशभक्ति के इर्द-गिर्द बुना गया है। इसमें उनके बचपन से लेकर एक कुशल राजकुमार बनने, अपने पिता हैदर अली (शहबाज खान) की विरासत को संभालने और मैसूर का सुल्तान बनने तक के सफर को दिखाया गया है। कहानी मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित है कि कैसे टीपू सुल्तान ने अपनी सूझबूझ और वीरता से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और अन्य क्षेत्रीय ताकतों के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया और अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए आखिर अपने प्राणों का बलिदान दे दिया।
अब कहां देख सकते हैं?
अगर आप इस क्लासिक शो को दोबारा देखना चाहते हैं तो यह वर्तमान में ओटीटी प्लेटफॉर्म दंगल प्ले पर ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है, जहां सब्सक्रिप्शन लेकर इसके एपिसोड्स देखे जा सकते हैं। इसके अलावा इसके कई एपिसोड्स यूट्यूब पर भी अलग-अलग चैनलों द्वारा अपलोड किए गए हैं, जिन्हें आप मुफ्त में देख सकते हैं। वहीं पुराने शोज के शौकीनों के लिए इस धारावाहिक का पूरा 12 डीवीडी का सेट भी फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर उपलब्ध है।