महाराष्ट्र में अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर अभियान जारी है। लगातार दूसरे दिन मुंबई के बांद्रा इलाके में पीले पंजे की मदद से अतिक्रमण को हटाने का काम चल रहा है। बीते मंगलवार को भी प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से सैकड़ों झुग्गियों को ध्वस्त कर सरकारी जमीन को खाली कराया था। गरीब नगर इलाके में ये सभी लोग सरकारी जमीन पर कब्जा कर 40 साल से रह रहे थे।
नोटिस देकर हटाया गया अवैध अतिक्रमण
बता दें कि बुलडोजर एक्शन के दौरान कल कुछ लोगों ने विरोध भी किया था। लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें समझाकर वापस भेज दिया। कोर्ट ने कुछ दिन पहले ही अवैध कब्जे हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद रेलवे की टीम ने इलाके का सर्वे किया, लोगों को नोटिस दिया और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई।
पश्चिमी रेलवे अदालत के निर्देश पर हुआ एक्शन
जान लें कि पश्चिमी रेलवे अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए ये कार्रवाई कर रहा है। ये कार्रवाई मुख्य रूप से एक्टिव रेलवे ट्रैक के पास स्थित रेलवे सुरक्षा क्षेत्र में की जा रही है, जहां गैरकानूनी तरीके से बसावट से न सिर्फ जान का जोखिम बना हुआ है बल्कि ट्रेन संचालन के लिए गंभीर जोखिम बना हुआ है।
अतिक्रमण हटाया जाना क्यों है जरूरी?
यहां अतिक्रमण हटाए जाना इसलिए भी बहुत ही जरूरी है, ताकि रेलवे सुरक्षा, परिचालन सुगमता और भविष्य में बुनियादी ढांचे के विस्तार, जिसमें अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं भी शामिल हैं, किया जा सके। रेलवे लाइन के पास अतिक्रमण की वजह से पैसेंजर की सेफ्टी कॉम्प्रोमाइज हो रही थी।
5 हजार 300 वर्ग मीटर जमीन को कराया जा रहा खाली
इस 5 दिवसीय अतिक्रमण हटाओ अभियान का उद्देश्य 5 हजार 300 वर्ग मीटर रेलवे भूमि को खाली कराना है। बांद्रा इलाके में बुलडोजर अभियान 23 मई तक जारी रहेगा।
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