Maha Shivratri Par Kya Karna Chahiye: महाशिवरात्रि पर सुबह से रात तक क्या करें? यहां देखें पूजा का पूरा शेड्यूल, दूर हो जाएगी सारी कन्फ्यूजन
Maha Shivratri Par Kya Karna Chahiye: महाशिवरात्रि पर सुबह से रात तक क्या करें? यहां देखें पूजा का पूरा शेड्यूल, दूर हो जाएगी सारी कन्फ्यूजन
Written By: Laveena Sharma@laveena1693
Published : Feb 12, 2026 01:55 pm IST,
Updated : Feb 12, 2026 02:01 pm IST
Maha Shivratri Par Kya Karna Chahiye: महाशिवरात्रि इस साल 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन व्रत, रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण का विशेष महत्व माना जाता है। यहां हम आपको बताएंगे महाशिवरात्रि के दिन सुबह से लेकर रात तक क्या-क्या करना चाहिए और पूजा का पूरा शेड्यूल क्या है।
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महाशिवरात्रि पर क्या करना चाहिए?
Maha Shivratri 2026 Par Kya Karna Chahiye: महाशिवरात्रि भगवान शिव की पूजा का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। कहते हैं इस दिन विधि-विधान से की गई शिव पूजा जीवन के सारे कष्टों को दूर कर देती है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार ये शिवरात्रि इसलिए खास होती है क्योंकि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। तो वहीं कुछ कथाओं अनुसार महादेव का शिवलिंग के रूप में प्राकट्य भी इसी दिन हुआ था। इसी कारण से इस शिवरात्रि पर शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। यहां हम आपको बताएंगे महा शिवरात्रि पर सुबह से लेकर रात तक क्या-क्या करना चाहिए और पूजा का शेड्यूल क्या है।
महाशिवरात्रि पर सुबह क्या करें?
महाशिवरात्रि पर सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और इसके बाद स्वच्छ कपड़े पहनें।
संभव हो तो इस दिन सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनें।
घर के मंदिर की सफाई करें।
इसके बाद मंदिर में घी का दीपक जलाएं और हाथ में जल लेकर व्रत और पूजा का संकल्प लें।
फिर भगवान शिव का ध्यान करते हुए ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।
शिवलिंग का जल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें। आप ये काम घर पर या मंदिर में कहीं भी कर सकते हैं। लेकिन इस मंदिर जरूर जाना है।
इसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के फूल और सफेद पुष्प चढ़ाएं। अगर घर पर शिवलिंग नहीं है तो भगवान की प्रतिमा पर ये सब चीजें अर्पित करें।
संभव हो तो शिव चालीसा का पाठ जरूर करें। साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
इस दिन शिव परिवार की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है इसलिए भगवान शिव के साथ माता पार्वती, गणेश जी, कार्तिकेय और नंदी की पूजा भी अवश्य करें।
भगवान को भोग लगाएं और उनकी आरती करें।
सुबह की पूजा के बाद आप चाहें तो फलाहारी चीजों का सेवन कर सकते हैं।
महाशिवरात्रि पर दोपहर में क्या करें?
अपने दैनिक कार्यों को करते रहें। लेकिन जब समय मिले तब मन ही मन भगवान शिव को भी याद जरूर करें।
इस दिन क्रोध करने और झूठ बोलने से बचें। किसी का दिल न दुखाएं।
अगर उपवास नहीं कर रहे हैं तो भी सात्विक भोजन करें।
इस दिन जरूरतमंदों को भोजन, जल या वस्त्र का दान जरूर करें।
कई भक्त महाशिवरात्रि की शाम में भगवान शिव की पूजा और अभिषेक करते हैं।
तो शाम की पूजा से पहले एक बार फिर से स्नान कर लें।
फिर घर के मंदिर में दीपक जलाएं और महाशिवरात्रि की कथा सुनें।
भगवान को फूल, बेलपत्र, भांग, धूतरा इत्यादि चीजें चढ़ाएं और मौसमी फल अर्पित करें।
फिर शिव जी की आरती करें।
इसके बाद परिवार के साथ बैठकर भजन या कीर्तन करें।
महाशिवरात्रि की रात में क्या करें?
वैसे महाशिवरात्रि की पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त रात का ही होता है।
रात की पूजा से पहले फिर से स्नान करें।
शिवलिंग का अभिषेक करें और उस पर बेलपत्र, भांग, धतूरा इत्यादि चीजें चढ़ाएं।
भगवान के समक्ष दीपक जलाएं और उन्हें भोग लगाएं।
परिवार सहित भगवान शिव की आरती करें।
फिर रात्रि भर जागरण करें और सुबह 6 बजे के करीब फिर से भगवान की पूजा करके अपने व्रत का पारण कर लें।
महाशिवरात्रि पर रात्रि के चारों प्रहर की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। अगर आप इस शिवरात्रि इस पूजा को करना चाहते हैं तो यहां आप इसकी पूरी विधि और मुहूर्त जान सकते हैं - महाशिवरात्रि चार प्रहर पूजा विधि और मुहूर्त
महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक कब करें?
महाशिवरात्रि के दिन आप किसी भी समय रुद्राभिषेक करा सकते हैं। लेकिन अगर रुद्राभिषेक के सबसे शुभ मुहूर्त की बात करें तो वो समय रात 12 बजकर 9 मिनट से रात 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)