दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को उनकी दमदार और वर्सेटाइल परफॉर्मेंस के लिए हमेशा सराहा गया है। 1978 में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने के बाद उन्होंने अपनी एक्टिंग के दम पर नेशनल फिल्म अवॉर्ड और पद्म श्री जैसे बड़े सम्मान हासिल किए। लेकिन हाल ही में नाना ने अपने जीवन से जुड़ा एक ऐसा खुलासा किया, जिसने कई लोगों को चौंका दिया। नाना ने अपने करियर को लेकर बात की और उन्होंने कहा कि अगर वो फिल्मों में नहीं आते तो अंडरवर्ल्ड डॉन बन जाते। इसके अलावा उन्होंने ये भी बताया कि वो गैंगस्टर मन्या सुर्वे के रिश्तेदार हैं।
फिल्मों में न आते नाना तो क्या करते
हाल ही में सिद्धार्थ कन्नन के साथ एक खुली बातचीत में नाना पाटेकर ने बताया कि अगर उनका एक्टिंग करियर सफल नहीं होता तो उनकी जिंदगी किस दिशा में जा सकती थी। नाना के मुताबिक उनका गुस्सा और आक्रामक स्वभाव उन्हें किसी गलत रास्ते पर भी ले जा सकता था। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर वह अभिनेता नहीं बने होते तो शायद वह अंडरवर्ल्ड की दुनिया में चले जाते। इस बातचीत के दौरान नाना ने अपने अतीत को याद करते हुए स्वीकार किया कि वह पहले काफी गुस्सैल थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में कई झगड़े किए, जिनमें से कई अब उन्हें ठीक से याद भी नहीं हैं। नाना ने खुद को उस तरह का इंसान बताया जो ज्यादा बोलता नहीं था, बल्कि अपने काम से अपनी मौजूदगी दर्ज कराता था।
अब बदल गया है नाना का नेचर
अपनी पर्सनैलिटी पर बात करते हुए नाना ने कहा कि लोग उनसे डरते थे, क्योंकि उनका स्वभाव काफी आक्रामक था। उन्होंने यह भी माना कि अब वह पहले के मुकाबले काफी शांत हो चुके हैं, लेकिन गुस्सा आज भी उनके स्वभाव का हिस्सा है। नाना के शब्दों में अगर उन्होंने एक्टिंग को अपना रास्ता नहीं बनाया होता तो उनकी जिंदगी बिल्कुल अलग और शायद खतरनाक मोड़ ले सकती थी।
मन्या सुर्वे से था क्या रिश्ता?
नाना पाटेकर ने एक पुरानी बातचीत में बताया था कि मुंबई के कुख्यात डॉन मन्या सुर्वे से उनके पारिवारिक रिश्ते जुड़े थे। मन्या सुर्वे उनके मामेरे भाई यानी मामा के बेटे थे। उन्होंने साफ कहा था, 'मन्या सुर्वे मेरा भाऊ था।' बयान कई रिपोर्टों और चर्चाओं में दोहराया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी माँ ने बच्चों को मुंबई से दूर मुरुड‑जानजीरा ले जाकर पाला ताकि उनका भविष्य गुंडागर्दी से अलग बने। नाना पाटेकर ने कहा था कि अगर उनकी मां ऐसा नहीं करतीं तो वो भी उसी परिस्थिति में पड़ जातीं। एक्टर ने बताया कि मां ने उनके ऊपर ननिहाल का साया नहीं पड़ने देना चाहती थीं। वो एक बेहतर इंसान बनाना चाहती थीं, इसलिए परिवार से दूर रहकर तकलीफों में अपने बच्चों को पालीं।