नई सुबह, नया कैलेंडर और नई उम्मीदें...नया साल आ चुका है। दिलों में जश्न है,आंखों में सपने हैं और हर चेहरे पर एक ही सवाल है। 2026 को कैसे बेहतर बनाया जाए? जी हां न्यू ईयर सिर्फ तारीख बदलने का नाम नहीं है। ये 'खुद से किए गए वादों' का साल होता है और इस बार भारत का मूड साफ है। लोग फिट रहना चाहते हैं, अच्छा खाना चाहते हैं और दिमाग को भी सुकून देना चाहते हैं। क्योंकि तमाम रिसर्च के मुताबिक 65% भारतीयों का टॉप रेजोल्यूशन है। फिटनेस सुधारना, डाइट और वजन कंट्रोल करना तो वहीं स्मोकिंग-ड्रिंक छोड़ने का भी रिकॉर्ड ट्रेंड है।
लेकिन नए साल की चमक के पीछे एक डरावनी सच्चाई भी है। भारत में लाइफ स्टाइल डिजीज बड़ी परेशानी बनी हुई है। दिल्ली में हर तीसरा व्यक्ति डायबिटिक या प्री-डायबिटिक है। हार्ट डिजीज और हाई बीपी कम उम्र में हमला कर रहे हैं और कैंसर, फ्लू, न्यूमोनिया, इनसे बचाव अब लापरवाही नहीं जिम्मेदारी है। इतना ही नहीं, गलत आदतें पैग-शैग, सिगरेट, जंक और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड अंदर ही अंदर करोड़ों लोगों के लिवर, लंग्स, हार्ट और नर्वस सिस्टम को खोखला कर रहे हैं। ऐसे में नए साल पर सवाल ये भी है कि क्या 2026 में गलत आदतों को छोड़ने का हौसला है? क्या आपने लाइफ स्टाइल हेल्दी बनाने का संकल्प लिया है?
एक और बात अगर सही में हेल्थ को प्रायोरिटी देनी है तो टेस्ट से डरिए मत। बीमारी को वक्त रहते पकड़िए और 30 साल के बाद ब्लड शुगर, हर उम्र में ब्लड प्रेशर, हड्डियों के लिए बोन डेंसिटी, विटामिन D, विटामिन B-12 टेस्ट, रुटीन में CBC और थायराइड के साथ लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट करवाना मत भूलिए। कुल मिलाकर 2026 की शुरुआत आज से है अभी से और आज लिए गए फैसले पूरे साल आपकी सेहत की किस्मत लिखेंगे। इसलिए बिना देरी के बुरी आदत छोड़िए, योग से जुड़िए क्योंकि जश्न एक रात का होता है, लेकिन सेहत पूरे साल का साथ है। स्वामी रामदेव से जानते हैं कि कैसे लाइफस्टाइल को हल्दी बनाएं और बीमारियों से दूर रहें?
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