वेट लॉस के दौरान लोग अक्सर काजू जैसे ड्राय फ्रूट्स से दूरी बना लेते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इनमें फैट ज़्यादा होता है और ये वजन बढ़ा सकते हैं। लेकिन क्या सच में ऐसा है? दरअसल, काजू पोषण से भरपूर होते हैं और सही मात्रा में सेवन किया जाए तो ये वजन घटाने की प्रक्रिया में मदद भी कर सकते हैं। कोई भी फूड अपने आप वजन नहीं बढ़ाता या घटाता। असली फर्क पड़ता है कुल कैलोरी इंटेक और आपकी लाइफस्टाइल से। काजू में मौजूद हेल्दी फैट दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं। आइए समझते हैं कि वेट लॉस के दौरान काजू खाना चाहिए या नहीं, और इसका शरीर पर क्या असर पड़ता है।
क्या काजू वजन घटाने में मदद कर सकते हैं?
काजू में प्रोटीन और हेल्दी फैट होते हैं, जो जल्दी भूख नहीं लगने देते। इससे बार-बार स्नैकिंग की आदत कम होती है। मैग्नीशियम और प्रोटीन शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, जिससे कैलोरी बर्निंग बेहतर हो सकती है। अगर आप चिप्स, नमकीन या मीठे स्नैक्स की जगह 4–5 काजू खाते हैं, तो ओवरऑल कैलोरी इंटेक कंट्रोल में रहता है।
कब काजू नुकसान कर सकते हैं?
काजू ज्यादा मात्रा (10–15 से अधिक) लेने पर कैलोरी ज्यादा हो सकती है। तले हुए या नमकीन काजू खाने से सोडियम और फैट बढ़ सकता है। अगर आपकी डाइट पहले से हाई-कैलोरी है, तो काजू वजन घटाने की गति धीमी हो सकती है।
वेट लॉस के दौरान काजू खाने का सही तरीका
वेट लॉस के दौरान रोज़ 4, 5 काजू पर्याप्त हैं। हमेशा बिना नमक और बिना भुने काजू का सेवन करें। इसे सुबह हल्के स्नैक्स या वर्कआउट से पहले अपनी डाइट में शामिल करें।
यानी, वेट लॉस के दौरान काजू पूरी तरह से बंद करने की जरूरत नहीं है। सही मात्रा और सही समय पर सेवन किया जाए तो ये वजन घटाने की प्रक्रिया में मददगार हो सकते हैं। लेकिन याद रखें मॉडरेशन ही सबसे बड़ी कुंजी है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)