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क्या योगा करने से यूरिक एसिड कंट्रोल हो सकता है? जानें, गाउट में कौन से आसन हैं फायदेमंद?

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam Published : Feb 19, 2026 07:13 pm IST, Updated : Feb 19, 2026 07:13 pm IST

Yoga Asanas To Reduce Uric Acid: इन आसनों को अपने डेली रूटीन में शामिल करके आप अपनी पूरी हेल्थ को बेहतर बना सकते हैं और हाइपरयूरिसीमिया से जुड़ी कॉम्प्लीकेशंस का खतरा कम कर सकते हैं।

यूरिक एसिड - India TV Hindi
Image Source : FREEPIK/UNSPLASH यूरिक एसिड

हाई यूरिक को हाइपरयूरिसीमिया भी कहते हैं। यह गाउट, किडनी स्टोन और जोड़ों के दर्द जैसी कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का कारण बन सकता है। एक्सपर्ट इस कंडीशन को मैनेज करने के लिए दवाएं और डाइट में बदलाव करने की सलाह देते हैं। अच्छी डाइट के साथ अगर आप इन कुछ आसन को अपनी जीवनशैली में शामिल करते हैं तो इससे यूरिक एसिड का स्तर तेजी से कंट्रोल होगा। आयुर्वेद में योग को हाई यूरिक एसिड लेवल को नैचुरली मैनेज करने का एक असरदार तरीका बताया गया है। योग शरीर के नैचुरल डिटॉक्सिफिकेशन प्रोसेस में मदद कर सकता है, ब्लड सर्कुलेशन में सुधार कर सकता है और किडनी के काम को बेहतर बना सकता है।

यूरिक एसिड को मैनेज करने में योग की भूमिका

योग स्ट्रेस कम करने में मदद करता है, जो सूजन और दूसरी सेहत से जुड़ी समस्याओं का एक जाना-माना कारण है। अपने रूटीन में खास योग आसनों को शामिल करके, आप नैचुरली यूरिक एसिड लेवल को मैनेज कर सकते हैं और पूरी सेहत को बेहतर बना सकते हैं।

यूरिक एसिड के लिए आसन

  • त्रिकोणासन: त्रिकोणासन डाइजेशन को बेहतर बनाता है और किडनी को स्टिम्युलेट करता है, जिससे एक्स्ट्रा यूरिक एसिड समेत टॉक्सिन को निकालने में मदद मिलती है। अपने पैरों को चौड़ा करके खड़े हो जाएं। अपनी बाहों को कंधे की ऊंचाई पर फैलाएं। एक तरफ झुकें, एक हाथ अपने टखने या पिंडली पर और दूसरा आसमान की ओर रखें। इस पोज़ को हर तरफ 20-30 सेकंड तक रखें।

  • भुजंगासन: कोबरा पोज़ किडनी के फंक्शन को बेहतर बनाता है और डिटॉक्सिफिकेशन को बढ़ाता है। अपने हाथों को अपने कंधों के नीचे रखकर पेट के बल लेट जाएं। धीरे-धीरे अपनी छाती को ऊपर उठाएं, अपनी पीठ को झुकाएं। अपनी कोहनियों को थोड़ा मोड़कर रखें और ऊपर की ओर देखें। 15-20 सेकंड तक रखें और 2-3 बार दोहराएं। 

  • पवनमुक्तासन: यह आसन पाचन संबंधी समस्याओं को कम करने और टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करता है। पीठ के बल लेट जाएं। एक घुटने को अपनी छाती तक लाएं और उसे अपने हाथों से पकड़ें। घुटने को धीरे से अपने पेट पर दबाएं। 15-20 सेकंड तक ऐसे ही रहें और फिर करवट बदलें।

  • अर्ध मत्स्येन्द्रासन: अर्ध मत्स्येन्द्रासन किडनी और लिवर को स्टिम्युलेट करता है, जिससे डिटॉक्सिफिकेशन में मदद मिलती है। एक पैर फैलाकर और दूसरा मोड़कर, फैले हुए पैर के ऊपर से क्रॉस करके बैठें। अपने धड़ को मुड़े हुए घुटने की ओर मोड़ें और सहारे के लिए अपना हाथ अपने पीछे रखें। हर तरफ 20-30 सेकंड तक ऐसे ही रहें।

  • सेतु बंधासन: यह आसन ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और किडनी को स्टिम्युलेट करता है। पीठ के बल लेट जाएं, घुटने मोड़ लें और पैर ज़मीन पर सीधे रखें। अपने कंधों को ज़मीन पर रखते हुए अपने हिप्स को आसमान की तरफ़ उठाएं। 20-30 सेकंड तक रुकें और 2-3 बार दोहराएं।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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