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ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को घर बुलाकर किया सम्मानित, शिवपाल यादव ने साधा निशाना

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX Published : Feb 19, 2026 09:49 pm IST, Updated : Feb 19, 2026 10:03 pm IST

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में 101 बटुकों को सम्मानित किया। अपने सम्मान से बटुक बेहद खुश नजर आए लेकिन सपा नेता शिवपाल यादव ने इसे लेकर ब्रजेश पाठक पर निशाना साधा।

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Image Source : X.COM/BRAJESHPATHAKUP अपने घर पर बटुकों के बीच उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों के अपमान का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में गूंज रहा है। सूबे के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस बीच एक बड़ा कदम उठाया और 101 बटुकों को अपने घर बुलाकर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने बटुकों को तिलक लगाया, फूल बरसाए और दान-दक्षिणा दी। बता दें कि बटुक उन बच्चों को कहा जाता है जो गुरुकुल और आश्रम में रहकर धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करते हैं। यह कदम माघ मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच हुए टकराव के बाद उठाया गया है, जहां स्वामी जी के शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की हुई थी। इसे बटुकों का अपमान बताकर बड़ा मुद्दा बनाया गया था और इस पर काफी विवाद हुआ था।

सम्मान पाकर काफी खुश नजर आए बटुक

ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को विधानसभा के अंदर और बाहर इस मुद्दे पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि शिखा का अपमान करना महापाप है और इसके लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ एक्शन होना चाहिए। इसके बाद आज उन्होंने अपने घर पर 101 बटुकों को बुलाया और उन्हें सम्मानित किया। घर पहुंचे बटुक सम्मान पाकर काफी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि माघ मेले में बटुकों का अपमान गलत था, लेकिन जिस तरह से डिप्टी चीफ मिनिस्टर ब्रजेश पाठक ने ब्राह्मणों के सम्मान के लिए आवाज उठाई और उन्हें सम्मानित किया, उसके बाद उन्हें भरोसा है कि अब ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी।

शिवपाल ने ब्रजेश पाठक पर साधा निशाना

इस मुद्दे पर बीजेपी के कुछ ब्राह्मण नेताओं ने भी ब्रजेश पाठक का साथ दिया। पार्टी के राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा, 'बटुकों का अपमान गलत था। ब्राह्मणों की चोटी खींचने को कोई सपोर्ट नहीं कर सकता। इसलिए अगर ब्रजेश पाठक ने बटुकों को सम्मानित किया है, तो उसकी तारीफ होनी चाहिए।' हालांकि, समाजवादी पार्टी को ब्रजेश पाठक का यह काम पसंद नहीं आया। सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने तंज कसते हुए कहा, 'बटुकों को सम्मानित करने से क्या होगा? अगर ब्रजेश पाठक को बटुकों के अपमान की इतनी चिंता है तो इस्तीफा देकर दिखाएं।'

बटुक सम्मान को शंकराचार्य ने बताया दिखावा

वहीं, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ब्रजेश पाठक को बटुकों के सम्मान की चिंता है, तो उस सरकार को क्यों नहीं समझाते जो बटुकों का अपमान करती है। बता दें कि यह मुद्दा माघ मेले में प्रशासन के साथ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के टकराव से शुरू हुआ था। शंकराचार्य लगातार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए उन्हें कालनेमि तक कह दिया था, और यह भी कहा था कि वह उन्हें संत नहीं मानते।

स्वामी रामदेव ने शंकराचार्य को दी ये सलाह

इस बीच योगगुरु स्वामी रामदेव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को एक सलाह देते हुए कहा, 'संत महात्मा मिल कर रहें तो बेहतर होगा। धर्म के काम में लगे संत राजनीति से दूर रहें तो अच्छा है। साधु संतों को विवाद में नहीं पड़ना चाहिए और आपसी कोई विवाद करे, फिर कैसी साधुता। सब नर करहिं परस्पर प्रीति। चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीति।' लेकिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को यह सलाह पसंद नहीं आई और उन्होंने तुरंत इसे खारिज कर दिया। उन्होंने योगी पर फिर निशाना साधते हुए कहा कि हम कालनेमी से कैसे मिल सकते हैं।

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