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भारती ग्लोबल और ब्रिटेन की सरकार ने मिलकर दिवालिया सेटेलाइट कंपनी के लिए बोली जीती

दोनो पक्ष मिलकर सेटेलाइट कंपनी में 100 करोड़ डॉलर का निवेश करेंगे

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: July 03, 2020 18:52 IST
- India TV Paisa
Photo:AP

bharti global and UK government win auction for OneWeb

नई दिल्ली। सुनील मित्तल की भारती एंटरप्राइजेस ने ब्रिटेन की सरकार के साथ मिलकर दिवालिया हो चुकी सेटेलाइट कंपनी OneWeb के लिए बोली जीत ली है। भारती एंटरप्राइजेस की तरफ से इस कंसोर्शियम में भारती ग्लोबल शामिल है। दिवालिया हो चुकी कंपनी सेटेलाइट के जरिए ब्रॉडबैंड ऑपरेशन में थी। दोनो पक्ष सेटेलाइट कंपनी में 100 करोड़ डॉलर का निवेश कर निचली कक्षा में उपग्रहों की पूरी श्रंखला स्थापित करेंगे जिससे ब्रॉडबैंड सहित दूसरी अन्य सेवाओं में तेजी लाई जा सके।

खबरों के मुताबिक ब्रिटेन की सरकार सेटेलाइट कंपनी में 50 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी और OneWeb में हिस्सेदारी खरीदेगी, वहीं भारती ग्लोबल भी इतना ही निवेश करेगी और कंपनी का कामकाज संभालेगी। भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील मित्तल ने कहा, "मुझे खुशी है कि भारती वनवेब के माध्यम से यूनिवर्सल ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के वादे को पूरा करने के प्रयास में आगे रहेगी।" साथ ही उन्होंने कहा कि टेलीकॉम, इंडस्ट्री, हवाई और समुद्री क्षेत्रों में वनवेब का काफी व्यावसायिक उपयोग होगा। 

सेटेलाइट कंपनी ने मार्च में दिवालिया होने की अर्जी दी थी, जब उसके सबसे बड़े निवेश सॉफ्टबैंक ने फंडिंग रोक दी थी।ब्रिटेन की सरकार के लिए ये डील काफी अहम है क्योंकि वो भारती ग्लोबल के साथ मिलकर यूरोपियन यूनियन के गैलिलियो सेटेलाइट नेविगेशन सिस्टम का विकल्प तैयार कर सकती है। सरकार के मुताबिक इस डील से वो सटीक नेविगेशन सिस्टम के साथ साथ सुपर फास्ट ब्रॉडबैंड सेवा भी मुहैया करा सकेगी। इस डील को ब्रिटेन का राजनैतिक हल्कों में भी काफी अहम माना जा रहा है।

इस डील पर 10 जुलाई को अंतिम मुहर लग सकती है, जब अमेरिकी दिवालिया कोर्ट कंपनी की बिक्री मामले में अपना फैसला देगा। OneWeb का मुख्यालय लंदन में है और इसका कारोबार अमेरिका में फैला हुआ है। कंपनी दिवालिया अर्जी देने से पहले 74 सेटेलाइट भेज चुकी थी। कंपनी के मुताबिक डील पर सभी मंजूरी मिलने के बाद वो सबसे पहले छंटनी किए गए कर्मचारियों को वापस बुलाएगी जिन्हें हाल ही में कंपनी से निकाला गया था। सेटेलाइट कंपनी के लिए स्पेसक्रॉफ्ट बनाने का काम एयरबस के पास है।

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