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Hindi News बिहार बिहार: अमृतसर मंदिर पर ग्रेनेड हमले के मामले में फरार आतंकी गिरफ्तार, NIA की टीम ने की कार्रवाई

बिहार: अमृतसर मंदिर पर ग्रेनेड हमले के मामले में फरार आतंकी गिरफ्तार, NIA की टीम ने की कार्रवाई

एनआईए की टीम ने एक खालिस्तानी आतंकी को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारी बिहार के गया से हुई है। ये आतंकी अमृतसर मंदिर पर ग्रेनेड हमले के मामले में फरार चल रहा था।

terrorist- India TV Hindi Image Source : PTI/REPRESENTATIVE PIC आतंकी गिरफ्तार

गया: बिहार के गया से एनआईए की टीम ने एक खालिस्तानी आतंकी शरणजीत कुमार उर्फ सनी को गिरफ्तार किया है। ये आतंकी लंबे समय से फरार चल रहा था और वह भेष बदलकर लंबे समय से गया के शेरघाटी में छिपा था। 

एनआईए की टीम को मिली सूचना के बाद से शुक्रवार की देर रात छापेमारी कर शेरघाटी के गोपालपुर से इस आतंकी को गिरफ्तार किया गया है। एनआईए की टीम और स्थानीय थाना शेरघाटी पुलिस ने गोपालपुर गांव के समीप नेशनल हाईवे पर छापेमारी कर इसे गिरफ्तार किया है।

NIA ने आतंकी के बारे में क्या बताया?

NIA ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि मार्च 2025 में अमृतसर मंदिर ग्रेनेड हमला मामले में मुख्य आतंकवादी आरोपी शरणजीत कुमार उर्फ सनी को गिरफ्तार किया गया है। वह पंजाब के गुरदासपुर जिले के बटाला के कांदिया जिले के भैनी बांगर गांव का रहने वाला है। 

15 मार्च 2025 को आतंकी हमले की साजिश और उसे अंजाम देने में शरणजीत की सक्रिय भूमिका थी। 2 बाइक सवार हमलावरों ने ग्रेनेड हमला किया था, जिसमें गुरसिदक सिंह और विशाल गिल शामिल थे। एनआईए की जांच में यूरोप, अमेरिका और कनाडा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौजूद हैंडलरों की साजिश का खुलासा हुआ है।

गिरफ्तार आतंकी शरणजीत कुमार को 1 मार्च 2025 को बटाला, गुरदासपुर में ग्रेनेड की खेप मिली थी। हमले से ठीक दो दिन पहले गुरसिदक और विशाल को ग्रेनेड सौंपा गया था।

भेष बदलकर वह कभी ट्रक ड्राइवर तो कभी अन्य पहचान बनाकर अपनी गतिविधियां संचालित करता था। जीटी रोड के लाइन होटल में उसने ठिकाना बना लिया था और वहीं से सक्रिय था। गिरफ्तारी के बाद एनआईए की टीम आतंकी को अपने साथ लेकर चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गई है।

गौरतलब है कि बीते कुछ समय से खालिस्तानी आतंकी काफी एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं। ऐसे में सरकार के साथ-साथ जनता को भी अलर्ट रहने की जरूरत है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि देखें तो फौरन पुलिस को सूचित करें। (इनपुट: गया से अजीत)