A
Hindi News बिहार बिहार विधानसभा चुनाव 2025: चिराग पासवान फिर बने मोदी के हनुमान, NDA को प्रचंड बहुमत पर बोले-'नरेंद्र और नीतीश की जीत'

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: चिराग पासवान फिर बने मोदी के हनुमान, NDA को प्रचंड बहुमत पर बोले-'नरेंद्र और नीतीश की जीत'

एनडीए गठबंधन को प्रचंड बहुमत मिलने पर चिराग पासवान ने कहा कि यह नीतीश और नरेंद्र की जीत है। उन्होंने कहा कि यह उन लोगों को जवाब है जो एनडीए पर सवाल उठाते थे।

Chirag Paswan- India TV Hindi Image Source : REPORTER INPUT चिराग पासवान

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए गठबंधन को प्रचंड बहुमत मिला है। बीजेपी ने 89 से ज्यादा और जेडीयू ने 85 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की है। चिराग पासवान की एलजेपी को भी 19 सीटें मिली हैं। एनडीए को बहुमत दिलाने में सबसे अहम योगदान बेशक बीजेपी और जेडीयू का है, लेकिन इस जीत को प्रचंड बनाने में चिराग पासवान की एलजेपी ने भी अहम योगदान दिया है।

एनडीए गठबंधन की जीत के बाद चिराग ने कहा कि बिहार में डबल इंजन सरकार को मजबूत करने का ऐसा क्षण आ गया है कि प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार अगले पांच साल बिहार को विकास की ओर ले जाने का काम करेंगे। यह उन लोगों को जवाब है जो एनडीए पर सवाल उठाते थे। उन्होंने कहा कि यह नरेंद्र और नीतीश की जीत है।

चिराग ने क्या कहा?

एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलने पर चिराग ने एक्स पर लिखा, "बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों में NDA के सभी प्रत्याशियों को जीत को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। यह देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के विश्वास और मेरे विजन बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट की जीत है। बिहार की जनता ने एक बार फिर विकास, विश्वास और स्थिरता के पक्ष में जनादेश दिया है। एनडीए की यह प्रचंड जीत बिहार के हर उस नागरिक की जीत है जिसने “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” के संकल्प को अपना समर्थन दिया। मैं बिहार की जनता के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। यह जीत जनता के विश्वास, कार्यकर्ताओं की मेहनत और नेतृत्व की निष्ठा का परिणाम है।"

2024 में 5 सीटें जीती थी एलजेपी रामविलास

2024 लोकसभा चुनाव में एलजेपी रामविलास ने पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे और सभी में जीत हासिल की थी। हालांकि, इससे पहले 2020 विधानसभा चुनाव में उन्होंने 137 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उनकी पार्टी को सिर्फ एक सीट पर जीत मिली थी। हालांकि, नीतीश कुमार की पार्टी को उन्होंने खासा नुकसान पहुंचाया था। उस समय उनका वोट शेयर 6 फीसदी के करीब था। इस बार उन्होंने 29 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और उनका वोट शेयर भी पांच फीसदी के करीब रहा, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 65 पहुंच गया, जो 2020 में एक से भी कम था।