झाझा: बिहार विधानसभा चुनाव होने में कुछ ही वक्त शेष रह गया है। ऐसे में सभी दलों ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। बिहार के चुनावों में एक अहम सीट झाझा भी है, यहां त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। यहां आरजेडी से जय प्रकाश नारायण यादव, जेडीयू से दामोदर रावत और जन सुराज पार्टी से नीलेन्दु दत्त मिश्रा के बीच कांटे की टक्कर है।
झाझा सीट के बारे में क्या है खास?
झाझा को बिहार का मिनी शिमला कहा जाता है और ये बिहार के जमुई जिले के अंतर्गत आती है। इसे मिनी शिमला इसलिए कहते हैं क्योंकि ये झारखंड की सीमा के पास में स्थित है, जोकि एक पहाड़ी क्षेत्र है।
झाझा के मलयपुर गांव में स्थित काली देवी का मंदिर और गिद्धौर स्थित मिंटो टावर काफी फेमस है। इसके अलावा झाझा का यक्षराज स्थान और पुराना बाजार क्षेत्र भी सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र है।
झाझा विधानसभा 1951 में बनी थी, तब से लेकर अब तक हुए चुनावों में यहां से 7 बार कांग्रेस ने जीत हासिल की और JDU और उसकी पूर्ववर्ती समता पार्टी ने 5 बार जीत हासिल की। इसके अलावा सपा और संयुक्त समाजवादी पार्टी ने भी 3-3 बार यहां से जीत का स्वाद चखा। इसके अलावा जनता पार्टी, जनता दल और भाजपा को यहां से एक-एक बार जीत मिली।
पिछले चुनाव में कौन जीता था?
साल 2020 के चुनाव में यहां से JDU के दामोदर रावत ने जीत हासिल की थी। इस बार भी जेडीयू से दामोदर रावत फिर मैदान में हैं। हालांकि इस बार इस सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
बिहार में कब हैं विधानसभा चुनाव?
बिहार में पहले फेज के लिए वोटिंग 6 नवंबर और दूसरे फेज के लिए वोटिंग 11 नवंबर को होगी। चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को जारी किए जाएंगे। यहां मुख्य मुकाबला NDA और महागठबंधन के बीच है। इसके अलावा प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज भी मैदान में है।