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Hindi News बिहार क्या अशोक चौधरी की चुनौती स्वीकार करेंगे प्रशांत किशोर? जनसुराज के आरोपों का मंत्री ने दिया खुलकर जवाब

क्या अशोक चौधरी की चुनौती स्वीकार करेंगे प्रशांत किशोर? जनसुराज के आरोपों का मंत्री ने दिया खुलकर जवाब

मंत्री अशोक चौधरी ने शुक्रवार को प्रशांत किशोर को चुनौती देते हुए कहा कि यदि जनसुराज यह साबित कर दे कि एक कट्ठा जमीन भी मेरी या मेरी पत्नी की अवैध संपत्ति है, तो मैं जनसुराज का गुलाम बनने को तैयार हूँ।

मंत्री अशोक चौधरी- India TV Hindi Image Source : REPORTER मंत्री अशोक चौधरी

जहानाबादः जहानाबाद पहुंचे बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों का जवाब दिया। अशोक चौधरी ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि जनसुराज यह साबित कर दे कि एक कट्ठा जमीन भी मेरी या मेरी पत्नी की अवैध संपत्ति है, तो मैं जनसुराज का गुलाम बनने को तैयार हूं। मंत्री अशोक चौधरी यही नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि सार्वजनिक जीवन में कैरेक्टर और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप आसानी से लगाए जा सकते हैं और इसलिए आरोप‑प्रत्यारोप को अलग रखना चाहिए। 

अशोक चौधरी ने जनसुराज के आरोपों को बताया झूठा

उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन बातों का जनसुराज ने जिक्र किया है। उन पर उन्होंने लीगल नोटिस भेजा है और यदि जनसुराज अपने दावे कोर्ट में शपथपत्र के साथ पेश कर सके तो वे उसे स्वीकार कर लेंगे। आगे मंत्री ने कहा कि कल जनसुराज पार्टी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया। हमारी जितनी भी संपत्ति है वह सभी सार्वजनिक है और पोर्टल पर उपलब्ध है। हम हर साल रिटर्न फाइल करते हैं। हर मंत्री को आय‑व्यय का ब्यौरा देना होता है। 

बेनाम संपत्ति पर भी दिया खुलकर जवाब

अशोक चौधरी ने बताया कि हर साल एक जनवरी को मुख्यमंत्री संपत्ति की डिटेल लेते हैं और वह प्रक्रिया पूरी होती है। मंत्री ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि जनसुराज मेरे या मेरी पत्नी के नाम पर एक कट्ठा जमीन भी बेनामी साबित कर दे तो वे जनसुराज की गुलामी करने को तैयार हैं। उन्होंने प्रशांत किशोर को सीधे कहा कि आरोप‑प्रत्यारोप करने की बजाय कोर्ट में आकर जवाब दें। अगर उनके जवाब संतोषप्रद हुए तो मामला वहीं खत्म, अन्यथा कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा। 

जमीन के दस्तावेज़ सार्वजनिक है, पोर्टल पर मौजूद

जमीन के दस्तावेज़ सार्वजनिक होने पर मंत्री ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है और यह पोर्टल पर मौजूद है, जिसे कोई भी देख सकता है। वही वायरल वीडियो के बारे में पूछे जाने पर अशोक चौधरी ने कहा कि वह वीडियो पुराना है। उन्होंने दोहराया कि उन्होंने लीगल नोटिस दिया है और जनसुराज को उसे प्रमाणित करना होगा। मंत्री ने मीडिया‑ट्रायल के बजाय कानूनी प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया।

रिपोर्ट- मुकेश, जहानाबाद