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Hindi News बिहार बिहार: नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में कथावाचक श्रवण दास महाराज गिरफ्तार, मौनी बाबा फरार, सामने आया SSP का बयान

बिहार: नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में कथावाचक श्रवण दास महाराज गिरफ्तार, मौनी बाबा फरार, सामने आया SSP का बयान

बिहार में एक कथावाचक को गिरफ्तार किया गया है। उस पर आरोप है कि उसने एक नाबालिग का यौन उत्पीड़न किया है। इस घटना में कथावाचक का गुरु और साथी मौनी बाबा फरार है। उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।

Shravan Das Maharaj- India TV Hindi Image Source : YT/@SHRAVANDASJIMAHARAJ आरोपी कथावाचक श्रवण दास महाराज

दरभंगा: बिहार के दरभंगा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक कथावाचक को नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में कथावाचक का गुरु मौनी बाबा फरार है। 

क्या है पूरा मामला? 

इस मामले में दरभंगा के SSP जगुनाथ रेड्डी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया, "मिथिलांचल के कथावाचक श्रवण दास महाराज को पुलिस ने एक नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के गंभीर मामले में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई SDPO राजीव कुमार के नेतृत्व वाली SIT ने की।"

SSP जगुनाथ रेड्डी ने बताया, "महिला पुलिस स्टेशन, लहरियासराय पुलिस स्टेशन और आस-पास के अन्य स्टेशनों की एक ज्वाइंट टीम ने एक सूचना के आधार पर आरोपी को हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से गिरफ्तार किया।"

अधिकारी ने बताया, "श्रवण दास का साथी और गुरु मौनी बाबा फिलहाल फरार है और उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।"

कौन है कथावाचक श्रवण दास महाराज?

श्रवण दास महाराज एक चर्चित कथावाचक है। उनका असली नाम श्रवण ठाकुर है। वह दरभंगा के बिरौल थाना क्षेत्र के पर्री गांव के निवासी हैं और वर्तमान में लहेरियासराय थाना क्षेत्र अंतर्गत पचाढ़ी छावनी स्थित रामजानकी मंदिर में रह रहे थे।
उनके खिलाफ प्राथमिकी में यह आरोप लगा है कि उन्होंने शादी का प्रलोभन देकर करीब एक साल तक महिला का यौन उत्पीड़न किया। पीड़ित की तरफ से ये आरोप भी लगाया गया कि जब वह गर्भवती हो गई तो गर्भपात कराने का प्रेशर डाला गया।

इस मामले में पीड़ित महिला की मां के द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस इस मामले में जांच में जुट गई है और हर पहलू को बारीकी से जांचा परखा जा रहा है। 

पहले भी सामने आ चुके हैं इस तरह के मामले 

श्रवण दास महाराज पहले ऐसे कथावाचक नहीं हैं, जिन पर इस तरह के गंभीर आरोप लगे। इससे पहले आसाराम बापू, गुरुमीत राम रहीम, फलाहारी बाबा और स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती समेत तमाम बाबाओं पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे। जिसमें से कई जेल की सजा भी काट रहे हैं। 

आसाराम को 2013 में जोधपुर स्थित आश्रम में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था। राम रहीम को भी उनकी ही दो साध्वियों के साथ यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराया गया था। दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक संस्थान के प्रमुख स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर तो कई छात्राओं के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। फिलहाल चैतन्यानंद सरस्वती का मामला कोर्ट में है। अभी इसमें सजा नहीं सुनाई गई है।