'राहुल गांधी को मिल सकती है वृद्धा पेंशन'; वोटों की गिनती के बीच गिरिराज सिंह ने कसा तंज
बिहार में अभी तो वोटों की गिनती हो रही है और उसी बीच कंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इंडिया टीवी से बात करते हुए विपक्षियों पर निशाना साधा है। आइए आपको बताते हैं कि उन्होंने क्या कहा है।

बिहार में 2 चरणों में 2025 के विधानसभा चुनाव हुए और आज इनके नतीजे सामने आने वाले हैं। अभी वोटों की गिनती जारी है और शुरुआती रुझानों के मुताबिक NDA इस रेस में काफी आगे निकल चुकी हैं। वहीं महागठबंधन काफी पीछे रह गई है। इसी बीच इंडिया टीवी से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्षियों पर तंज कसते हुए NDA की जीत पर भी बात की। उनका कहना है कि वो पहले से ही साल 2010 वाली जीत देख रहे थे। आइए आपको बताते हैं कि उन्होंने और क्या कहा।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने क्या कहा?
इंडिया टीवी से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं 2010 की तरह माहौल देख रहा था। 2010 में हमें जिस तरह से 206 सीट मिले थें, मैं उसी तरह देख रहा था। एक तरह लालू यादव, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव थे जिनकी खासियत जेल और बेल थी और ये जंगलराज, झूठ, अराजकता, नौकरी के बदले जमीन लेने के प्रतीक थे। इन्होंने बढ़-चढ़कर वादे किए मगर जनता ने भरोसा नहीं किया और बिहार की जनता अमन, चैन, शांति के साथ विकास चाहती थी।'
उन्होंने आगे कहा, 'लालू जी 15 साल रहे और अपने परिवार का सशक्तिकरण किए, महिला के नाम पर अपनी पत्नी का सशक्तिकरण किया। वहीं नीतीश कुमार और मोदी जी ने गरीब महिलाओं का सशक्तिकरण किया।'
तेजस्वी और राहुल को लेकर क्या बोले गिरिराज सिंह?
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तेजस्वी यादव और राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'तेजस्वी अगर लालू यादव के बेटे नहीं होते तो उन्हें मोहल्ले का आदमी नहीं जानता। राहुल गांधी अगर गांधी परिवार की जगह हमारे जैसे परिवार में होते तो गांव के लोग नहीं पहचानते। तेजस्वी यादव की अपनी लेगेसी नहीं है। लोगों ने कहा कि जंगलराज फिर से नहीं और राघोपुर ने भी जंगलराज को नकार दिया।'
कांग्रेस के पीछे चलने पर कह दी ये बात
जब तक कांग्रेस का नेतृत्व गांधी परिवार के साथ रहेगा तब तक कांग्रेस की यही दुर्गति रहेगी। यह 35वां चुनाव हार रहे हैं। कांग्रेस की बदकिस्मती ये है कि उसे नेहरू परिवार को छोड़कर कुछ दिखता ही नहीं। बेचारे खड़गे जी इतने बुजुर्ग हैं और मैं जब उनकी भाषा देखता हूं तो दया आती है। उन्होंने आगे कहा, 'राहुल गांधी की विश्वसनियता नहीं बची है। हमसे एक पत्रकार ने बोला कि दो युवाओं की जोड़ी फिर हार गया तो मैंने पूछा कि कौन युवा तो उन्होंने तेजस्वी और राहुल का नाम लिया। इसके बाद मैंने कहा कि तेजस्वी उम्र से युवा हैं मगर राहुल गांधी 60 साल के हो गए। अब तो नीतीश कुमार का वृद्धा पेंशन भी उन्हें मिल सकती है।'