बेगूसरायः बिहार विधानसभा चुनाव के पहले नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को बेगूसराय में तगड़ा झटका लगा है। जिले के मटिहानी विधानसभा से चार बार के विधायक रहे जेडीयू के पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह ने आरजेडी का दामन थाम लिया है। बोगो सिंह अपनी आवास पर प्रेस वार्ता कर इसकी घोषणा की। बोगो सिंह ने कहा कि हमारे दिल में आरजेडी है, हम आरजेडी के हो गए और राजद के लोग मेरे हो गए।
जेडीयू के पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह ने कहा कि हमारी ड्यूटी बनती है संपूर्ण बिहार में जहां तक मेरी आवाज जाए वहां आरजेडी जीते। सबसे पहले बेगूसराय की सातों सीट जीतने का काम होगा और तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाना हमारी पहली प्राथमिकता होगी। हम आरजेडी के कार्यकर्ता हैं और आरजेडी के सिपाही हैं। हम जिस घर में रहते हैं उसकी एक-एक ईंट की रक्षा करते हैं।
पिछले चुनाव में मामूली वोट से हार गए थे बोगो सिंह
मटिहानी से चुनाव लड़ने की सवाल पर उन्होंने कहा कि यह आला कमान तय करेंगे। बोगो सिंह ने कहा कि मैं 333 वोट से चुनाव हार गया था लेकिन एनडीए और हमारे आदरणीय नीतीश कुमार ने 5 साल में एक बार भी नोटिस नहीं लिया। मटिहानी की प्राथमिकता तय है। क्षेत्र का विकास करना मेरी प्राथमिकता है। बेगूसराय के सातों सीट महागठबंधन को जीत करवाना है। गिरिराज सिंह के द्वारा जदयू विधायक राजकुमार सिंह को सपोर्ट करने के सवाल पर कहा कि कहावत है, अपना उपाय नहीं सूरदास के बरतुहारी, सवा चार लाख से 80000 पर आ गए।
बाहुबली छवि के बोगो सिंह ने वर्ष 2005 के फरवरी चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी और फिर नवंबर के चुनाव में भी निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे थे और जेडीयू ने बाहर से समर्थन किया था, जिसके कारण उन्हें दोबारा सफलता मिली। इसके बाद फिर 2010 और 2015 का चुनाव जदयू के टिकट पर मटिहानी विधानसभा से चुनाव जीता था। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्हें लोजपा उम्मीदवार राजकुमार सिंह से 333 मतों से हार का सामना करना पड़ा था।
राजद में शामिल होने के क्या है कारण
साल 2020 के विधानसभा चुनाव के बाद लोजपा विधायक राजकुमार सिंह पाला बदलकर जेडीयू में शामिल हो गए थे। जेडीयू में शामिल होने के बाद राजकुमार सिंह 2025 के चुनाव में भी जेडीयू के दावेदार माने जा रहे हैं, क्योंकि वह वर्तमान में जेडीयू के विधायक हैं। इस वजह से बोगो सिंह जेडीयू से नाराज चल रहे थे। हालांकि जेडीयू ने उन्हें पार्टी से अभी तक निष्कासित नहीं किया था और 2024 के लोकसभा चुनाव में बोगो सिंह ने महागठबंधन उम्मीदवार के पक्ष में खुलकर चुनाव प्रचार किया था।
इसके बाद से ही कयास लगाया जा रहा था कि 2025 के चुनाव में बोगो सिंह किसी दूसरे पार्टी का हाथ थाम सकते हैं। अब ऐसे में तेजस्वी से मुलाकात के बाद आरजेडी में शामिल होने से यह कयास तेज हो गया है क्या महागठबंधन से राजद का उम्मीदवार मटिहानी से बोगो सिंह होंगे। हालांकि 2020 में महागठबंधन से मटिहानी विधानसभा सीट सीपीएम के खाते में गई थी और राजेंद्र सिंह विजय उम्मीदवार से करीब 700 मत कम से तीसरे स्थान पर रहे थे।
(बेगूसराय से संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट)