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Hindi News बिहार जन्मदिन विशेष: अपनी शादी के वक्त 22 हजार रुपये दहेज की बात सुनकर नाराज हो गए थे नीतीश कुमार, जानें फिर किस तरह सुलझा मामला

जन्मदिन विशेष: अपनी शादी के वक्त 22 हजार रुपये दहेज की बात सुनकर नाराज हो गए थे नीतीश कुमार, जानें फिर किस तरह सुलझा मामला

बिहार के सीएम नीतीश कुमार का आज जन्मदिन है। इस मौके पर उनकी शादी से जुड़ा एक रोचक किस्सा साझा किया जा रहा है, जिसमें वह अपने दहेज की बात सुनकर नाराज हो गए थे।

Nitish Kumar- India TV Hindi Image Source : PTI/FILE नीतीश कुमार

पटना: बिहार के सीएम नीतीश कुमार का आज (1 मार्च) जन्मदिन है। वह 75 साल के हो गए हैं। बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार एक बड़ा नाम हैं, जिन्हें बिहार में विकास कार्यों को बढ़ावा देने और राज्य की स्थिति को सुधारने का श्रेय दिया जाता है। आज हम आपको उनके जन्मदिन के मौके पर उनके जीवन से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा बता रहे हैं।

जब दहेज की बात सुनकर नाराज हुए नीतीश

नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 में पटना के बख्तियारपुर में हुआ था। उनका पैतृक गांव नालंदा जिले के कल्याण बीघा में है। उनकी शादी साल 1973 में नालंदा जिले की मंजू कुमारी सिन्हा से तय हुई थी। नीतीश को जब पता लगा कि उनकी शादी 22 हजार रुपए के दहेज पर तय हुई है तो वह नाराज हो गए थे।

दरअसल नीतीश कुमार शुरू से ही दहेज के विरोध में थे। उनका संकल्प था कि वह खुद भी बिना दहेज के शादी करेंगे। ऐसे में जब नीतीश को पता लगा कि उनकी शादी 22 हजार के दहेज में तय हुई है तो उन्होंने अपने पिता को संदेश भिजवाया कि उनकी शादी में दहेज और किसी तरह का कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। यहां तक कि कोई उपहार भी नहीं लिया जाएगा। नीतीश ने साफ किया कि इस दौरान कोई उत्सव नहीं होगा बल्कि कोर्ट मैरिज होगी। अगर ऐसा नहीं किया गया तो वह शादी नहीं करेंगे। 

इसके बाद नीतीश कुमार ने बिना दहेज के ही मंजू से शादी की। ये शादी 22 फरवरी 1973 को हुई थी। 

पत्नी की आखिरी इच्छा रह गई अधूरी

नीतीश कुमार अपनी पत्नी मंजू से बेहद प्रेम करते थे। साल 2007 में उनका निधन हो गया था। मंजू की इच्छा थी कि उनके रिटायरमेंट के बाद परिवार साथ रहे लेकिन उनकी ये इच्छा अधूरी रह गई। पत्नी की मौत पर नीतीश कुमार फूट-फूटकर रोए थे। उन्हें इस बात का पछतावा था कि वह पत्नी की इच्छा पूरी नहीं कर सके। 

नीतीश ने अपनी पत्नी के नाम पर पटना के कंकड़बाग में मंजू कुमारी स्मृति पार्क और स्मारक बनवाया था।  हर साल नीतीश अपनी पत्नी की पुण्यतिथि के मौके पर इस स्मारक पर जाते हैं और फूल चढ़ाते हैं।