पटनाः बिहार में विधानसभा चुनाव का आगाज हो चुका है। बीजेपी, आरजेडी, कांग्रेस और जनसुराज पार्टी के सीनियर नेता तूफानी रैलियां कर रहे हैं। सिवान विधानसभा सीट पर भी चुनावी कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इस सीट पर मुख्यतः एनडीए और महागठबंधन के बीच मुकाबला देखा जा रहा है। पहली बार चुनाव लड़ रही जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर भी पूरा दमखम लगा रहा है।
13 उम्मीदवार लड़ रहे हैं चुनाव
सिवान विधानसभा सीट पर 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। महागठबंधन की तरफ से पूर्व स्पीकर और पूर्व मंत्री अवध बिहारी चौधरी को आरजेडी के टिकट पर चुनावी मैदान में उतारा गया है। जबकि एनडीए की तरफ से बीजेपी के मंगल पांडे चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, जनसुराज पार्टी ने इन्तखाब अहमद को अपना उम्मीदवार बनाया है। बसपा ने सुनीता देवी को टिकट दिया है। यहां से कई उम्मीदवार निर्दलीय के तौर पर भी चुनाव लड़ रहे हैं।
सिवान सीट का चुनावी इतिहास
सिवान विधानसभा सीट सिवान जिले के अंतर्गत आती है। यह सामान्य सीट है। 2020 के विधानसभा सीट से यहां से आरजेडी के अवध बिहारी चौधरी ने जीत दर्ज की थी। दूसरे नंबर बीजेपी के ओम प्रकाश यादव थे। जबकि तीसरे नंबर पर निर्दलीय उम्मीदवार विनोद कुमार श्रीवास्तव थे। पिछले चुनाव में इस सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। आरजेडी यह सीट करीब दो हजार वोट से जीती थी। 2015 के विधानसभा चुनाव की अगर बात करें तो इस सीट पर भाजपा के उम्मीदवार व्यासदेव प्रसाद ने जीत दर्ज की थी। इस सीट पर साल 2005 से 2015 तक भाजपा का कब्जा था। अवध बिहारी 1985 से 2005 तक यहां से यहां विधायक रहे हैं। वह क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं और आरजेडी से जुड़े रहे हैं।
सिवान में जातीय समीकरण
सिवान में लगभग सभी जातियों के लोग रहते हैं। इस सीट पर मुस्लिम आबादी निर्णायक भूमिका में है। यहां पर 25 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम हैं। इनके अलावा यादव, भूमिहार और दलित समुदाय की भी अच्छी खासी आबादी है।
6 नवंबर को होगा मतदान
बता दें कि सिवान में 6 नवंबर को वोटिंग होगी। जबकि चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। एसआईआर के बाद सिवान जिले में 23.87 लाख मतदाता हैं। जबकि दो लाख 21 हजार के नाम काटे गए हैं।