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Hindi News बिहार केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने SIR का किया बचाव, बोले- 'घुसपैठियों को वोट का दुरुपयोग नहीं करने दिया जाएगा'

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने SIR का किया बचाव, बोले- 'घुसपैठियों को वोट का दुरुपयोग नहीं करने दिया जाएगा'

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने SIR का बचाव करते हुए कहा कि यह कोई पहली बार नहीं हो रहा है। किसी भी घुसपैठियों को वोट के अधिकार का दुरुपयोग नहीं करने दिया जाएगा।

Union Minister Chirag Paswan defended SIR said Infiltrators will not be allowed to misuse votes- India TV Hindi Image Source : PTI केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने SIR का किया बचाव

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूचियों के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का बचाव किया है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष के तीखे विरोध के बीच, पासवान ने कहा कि घुसपैठियों को भारत में वोट देने का अधिकार नहीं दिया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में वैध मतदाताओं के साथ कोई अन्याय नहीं होगा। चिराग पासवान ने कहा कि बिहार में एसआईआर पहली बार नहीं हो रहा है और इस बार भी इसी तरह से किया जा रहा है। चिराग ने पटना में संवाददाताओं से कहा, "देश के किसी भी नागरिक के साथ अन्याय नहीं होगा, लेकिन अगर कोई देश में घुसपैठिया है, तो उसे सबसे बड़े अधिकार, वोट के अधिकार का दुरुपयोग नहीं करने दिया जाएगा।"

चिराग पासवान ने SIR का किया बचाव

पत्रकारों से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा, "यह प्रक्रिया देश में पहली बार नहीं हो रही है। यह पहले भी चार बार हो चुकी है और इस बार भी इसे उसी तरह से किया जा रहा है, जैसे पिछली चार बार किया गया था।" इसी एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के मतदाता सूची संशोधन कदम की एकमत से निंदा की है और आरोप लगाया है कि भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग चुनिंदा लोगों को मतदाता सूची से हटा रहा है। इस मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा में भी भारी हंगामा हुआ और विपक्षी सांसदों ने इस कदम पर चर्चा की मांग की है। 

चुनाव आयोग का डेटा

इस बीच चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि बिहार में 99.8 प्रतिशत से ज्यादा मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के अंतर्गत आ चुके हैं। एक आधिकारिक बयान में, आयोग ने बताया कि लगभग 22 लाख मतदाताओं की पहचान मृत के रूप में की गई है, 35 लाख से ज्यादा मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं और लगभग 7 लाख मतदाता एक से ज्यादा स्थानों पर पंजीकृत पाए गए हैं।