दूसरा और उसके बाद के डिजिट-
ट्रेन नंबर के दूसरे और उसके बाद के डिजिट का मतलब उसके पहले डिजिट के अनुसार ही तय होता है। किसी ट्रेन के पहले डिजिट 0, 1 और 2 से शुरू होते हैं तो बाकी के चार डिजिट रेलवे जोन और डिवीजन को बतलाते हैं। जानिए किस जोन का क्या है नंबर।
0 नंबर- कोंकण रेलवे
1 नंबर- सेंट्रल रेलवे, वेस्ट-सेंट्रल रेलवे, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे
2 नंबर- सुपरफास्ट, शताब्दी, जन शताब्दी तो दर्शाता है। इन ट्रेन के अगले डिजिट जोन कोड को दर्शाते हैं
3 नंबर- ईस्टर्न रेलवे और ईस्ट सेंट्रल रेलवे
4 नंबर- नॉर्थ रेलवे, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे
5 नंबर- नेशनल ईस्टर्न रेलवे, नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे
6 नंबर- साउथर्न रेलवे और साउथर्न वेस्टर्न रेलवे
7 नंबर- साउथर्न सेंट्रल रेलवे और साउथर्न वेस्टर्न रेलवे
8 नंबर- साउथर्न ईस्टर्न रेलवे और ईस्ट कोस्टल रेलवे
9 नंबर- वेस्टर्न रेलवे, नार्थ वेस्टर्न रेलवे और वेस्टर्न सेंट्रल रेलवे
जानिए रेलवे में हैं कितने डिवीजन-
भारतीय रेलवे के जोन और डिवीजन की पूरी जानकारी के लिए क्लिक करें https://erail.in/indian-railway-rules-faq/indianrailways-zones-division
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