A
Hindi News बिज़नेस भारत ब्रॉडबैंड रैंकिंग में 125वें स्थान से फिसलकर 131वें स्थान पर: संरा रिपोर्ट

भारत ब्रॉडबैंड रैंकिंग में 125वें स्थान से फिसलकर 131वें स्थान पर: संरा रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र: भारत ब्रॉडबैंड की पैठ बढ़ाने के लिहाज से वैश्विक रैंकिंग में फिसला है लेकिन देश में इंटरनेट के उपयोग करने वालों के प्रतिशत के लिहाज से उसने थोड़ी प्रगति दर्ज की है। यह

स्वराज ने भारत में अमेरिकी उद्योगपतियों को किया आमंत्रित

भारत में अपार संभावनाओं का हवाला देते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अमेरिकी उद्योग से आज कहा कि वे सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में निवेश करें जिससे दोनों देशों को फायदा हो। अमेरिका भारत व्यापार परिषद :यूएसआईबीसी: की 40वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित समरोह में स्वराज ने अपने भाषण में कहा कि अमेरिकी उद्योग अपने कारोबारी फैसले करने के लिए सबसे अनुकूल स्थिति में है। उन्होंने कहा यदि मैं भारत के आर्थिक लक्ष्य और दोनों देशों के लिए आर्थिक अवसर के आकार को रेखांकित करूं तो इससे मदद मिलेगी।

उन्होंने अमेरिका के शीर्ष उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि अब 100 स्मार्ट सिटी बनाने, गंगा नदी के निर्मल और अविरल बनाने, इसके तट पर शहरों के विकास और 2022 तक 30 करोड़ युवाओं को कौशल प्रदान करने पर ध्यान दिया जाएगा। स्वराज ने कहा भारत की मौजूदा सरकार की कूटनीति का प्रमुख एजेंडा है, कारोबार। पहले दिन से ही सरकार की प्राथमिकता रही है भारत में और भारत के साथ कारोबार सुगम बनाना। उन्होंने कहा शहरीकरण को प्रोत्साहित करने की हमारी योजना है और हम सभी के लिए सस्ती बिजली और सस्ता घर मुहैया कराने के लिए दृढ़ हैं। हम भारत में विनिर्माण को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ना चाहते हैं और हमने डिजिटल इंडिया के ईद-गिर्द उत्पाद आधारित एवं सेवा आधारित औद्योगिक एवं संचालन मंच विकिसित करने का लक्ष्य रखा है।

स्वराज ने कहा कि उक्त सभी योजनाएं अमेरिकी उद्योग के लिए सही मायने में वाणिज्यिक और कारोबारी अवसर प्रदान करती हैं ताकि दोनों देशों के फायदे के लिए भारतीय सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों और एक वृहत्तर अर्थव्यवस्था के साथ भागीदारी की जा सके। उन्होंने कहा ऐसा करते हुए, जैसा आपका लक्ष्य है, आप अपने संगठन के लिए धन सृजन भी कर सकेंगे।। इसके अलावा यह भी महत्वपूर्ण है कि अमेरिकी कंपनियां समाज का मूल्यवद्र्धन भी करेंगी, भारत की वृद्धि की संभावना के साथ दीर्घकालिक संबंध जोड़ेंगी और अमेरिका-भारत रणनीतिक भागीदारी के आर्थिक पक्ष को भी मजबूत करेंगी।

उन्होंने कहा हम दोनों देशों के बीच व्यापार को सिर्फ कारोबार की तरह नहीं बल्कि बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक मेल की अभिव्यक्ति और इसके गुणक के तौर पर देखते हैं। हमें उम्मीद है कि उद्योग इसके अनुकूल पहल करेगा। उन्होंने कहा कि भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जो रोजगार पैदा करते हैं ओर दोनों देशों के लिए मूल्यवद्र्धन करते हैं उनकी चिंता का समाधान हो। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसलों से पिछले एक साल में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ेगा।
वाणिज्यि मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मौके पर कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय आर्थिक मोर्चे पर महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने भारत में निवेश के संबंध में विदेशी कंपनियों को भरोसा बढ़ाने के लिए कई पहलें की हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कारोबार सुगमता से जुड़ी कई पहलें हैं। भारत में - बुनियादी ढांचा क्षेत्र, स्मार्ट सिटी का निर्माण-अपार अवसर हैं। सीतारमण ने कहा हम भारत में रचि लेने और निवेश करने के लिए आपका स्वागत करते हैं।

यह भी पढ़ें-

डिजिटल इंडिया की सफलता के लिए सरकार को ढूंढने होंगे इन सवालों के जबाव