एक साथ 35 बच्चों ने काटा हाथ, शिक्षकों ने देखा तो मचा बवाल, मेडिकल टीम ने की जांच
स्कूल प्रशासन के अनुसार लगभग 35 बच्चों ने अपनी कलाई काटी थी। उनके घाव भर चुके हैं। अब सिर्फ हाथ काटे जाने का निशान है। मेडिकल टीम ने पूरे मामले की जांच की है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक स्कूल के तीन दर्जन बच्चों ने अपनी कलाई काट ली। मामला दहदाहा गांव का है। यहां दर्जनों स्कूली छात्र-छात्राओं ने अपने हाथों की कलाई पर खुद चोट के निशान बनाए हैं। किसी ने पेंसिल से, किसी ने बबूल के कांटे से, तो किसी ने ब्लेड और डिवाइडर से हाथ काटे। मामले की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीम ,खंड शिक्षा अधिकारी, एसडीओपी, पुलिस गांव पहुंचे और बच्चों से पूछताछ-काउंसलिंग की गई।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बच्चों में यह एक ट्रेंड बन गया था, जो सोशल मीडिया पर देखी गई रील्स और टास्क जैसी गतिविधियों से जुड़ा बताया जा रहा है। यह मामला तब उजागर हुआ जब तीन छात्रों के परिजन स्कूल पहुंचे और प्राचार्य को बच्चों के हाथों में लगे निशानों की जानकारी दी। जांच में पता चला कि एक-दो नहीं बल्कि करीब तीन दर्जन छात्र-छात्राएं इस हरकत में शामिल हैं। फिलहाल प्रशासन यह जानने में जुटा है कि आखिर बच्चों ने ऐसा क्यों किया।
13 फरवरी को हुआ खुलासा
अधिकारियों ने बताया कि जिले के कुरूद विकासखंड के अंतर्गत दहदहा गांव में स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय के 35 छात्रों की कलाइयों में चोट के निशान पाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की है। कुरूद क्षेत्र के तहसीलदार सूरज बंछोर ने बताया कि इस स्कूल के विद्यार्थियों के परिजनों ने 13 फरवरी को अपने बच्चों की कलाई पर काटे जाने का निशान देखा तब उन्होंने इसकी सूचना स्कूल प्रबंधन को दी। बाद में जब स्कूल प्रबंधन ने मामले की पड़ताल की तब जानकारी मिली कि 35 छात्रों ने अपनी कलाई को किसी धारदार वस्तु से जख्मी किया है। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी।
एक महीने पहले हुई थी घटना
तहसीलदार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों और चिकित्सकों के दल ने स्कूल का दौरा किया। अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान जानकारी मिली है कि लगभग एक माह पहले छात्रों ने एक दूसरे को देखकर अपने हाथ की कलाई को जख्मी किया था। वर्तमान में छात्रों की कलाई में चोट के निशान ही शेष हैं तथा घाव भर चुका है। उन्होंने बताया, ''बच्चों की स्थिति को देखने तथा उनसे बात करने से लग रहा है कि उन्होंने एक दूसरे को देखकर इस तरह का कदम उठाया है। हालांकि बड़ी संख्या में हाथ काटना जांच का विषय है। वर्तमान में सभी विद्यार्थी स्वस्थ हैं। हाथ के घाव भर रहे हैं।''
मेडिकल टीम को नशे की लत का डर
अधिकारी ने बताया कि विद्यार्थियों को समझाया गया है तथा अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों पर नजर बनाए रखने के लिए कहा गया है। कुरूद क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार साहू ने बताया कि 13 फरवरी को यह मामला संज्ञान में आया था। यह 15 से 20 दिन पुराना मामला है। साहू ने बताया कि चिकित्सकों के दल ने मामले की जांच की है। उन्हें आशंका है कि बच्चों ने नशे के कारण इस घटना को अंजाम दिया है। चिकित्सकों और अधिकारियों ने अभिभावकों तथा शिक्षकों की बैठक ली है। वहीं 16 फरवरी को सभी विद्यार्थियों की काउंसलिंग भी की गई।
(धमतरी से सिकंदर खान की रिपोर्ट)
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