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Hindi News छत्तीसगढ़ VIDEO: आदिवासियों के पैर धोने वाली ये महिला विधायक कौन हैं? इनके पास पैसों की नहीं है कोई कमी

VIDEO: आदिवासियों के पैर धोने वाली ये महिला विधायक कौन हैं? इनके पास पैसों की नहीं है कोई कमी

आदिवासियों के पैर धो रही एक महिला विधायक की तस्वीर सोशल मीडिया में काफी चर्चित हो रही है। दरअसल, विधायक ने 66 आदिवासी परिवारों के सदस्यों की 'घर वापसी' पर पैर धोकर उनका स्वागत किया।

Bhawna Bohra, Pandariya MLA, Chhattisgarh tribal news, tribal ghar wapsi- India TV Hindi Image Source : ANI आदिवासियों के पैर धोतीं पंडरिया विधायक भावना बोहरा।

रायपुर: छत्तीसगढ़ की पंडरिया विधानसभा सीट से विधायक भावना बोहरा ने मंगलवार को 66 आदिवासी परिवारों के सदस्यों के पैर धोए, जिसकी चर्चा पूरे इलाके के साथ-साथ सोशल मीडिया में जमकर हो रही है। दरअसल, भावना बोहरा ने दमगढ़ गांव में 'जनजातीय गौरव सम्मेलन और सम्मान समारोह' का आयोजन किया था। इस मौके पर 66 आदिवासी परिवार के सदस्यों का 'घर वापसी' पर स्वागत किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया। साथ ही, इस मौके पर जंगल क्षेत्र में आने वाले इलाकों के लिए 2 बाइक एम्बुलेंस का भी खास तोहफा दिया गया।

अपनी मूल आस्था की ओर लौटे आदिवासी

विधायक भावना बोहरा की पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में 66 आदिवासी परिवारों के सदस्य अपनी मूल आस्था की ओर लौट आए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्षेत्र में हुए विकास कार्यों और आदिवासियों के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों से प्रभावित होकर इन सदस्यों ने यह कदम उठाया है। इन परिवारों के लोग अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर काफी खुश हैं। समारोह में विधायक बोहरा ने इनका पारंपरिक तरीके से पैर धोकर स्वागत किया और सम्मानित किया। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि यह घर वापसी किसी दबाव का नतीजा नहीं है, बल्कि यह आदिवासियों ने अपनी सांस्कृतिक पहचान को दोबारा मजबूत करने के लिए ये कदम उठाया है।

'कुछ लोग आदिवासियों को भ्रमित करते हैं'

इस मौके पर विधायक भावना बोहरा ने कहा, 'आदिवासी समाज भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षक रहा है। प्रकृति पूजा, लोक देवताओं का सम्मान और सामुदायिक जीवन शैली हमारी सनातन विरासत का अभिन्न अंग है। कुछ लोग लालच देकर निर्दोष आदिवासी भाइयों-बहनों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं, लेकिन अब आदिवासी समाज अपनी विरासत को पहचान रहा है।' उन्होंने कहा कि जो लोग व्यक्तिगत लाभ के लिए आदिवासियों को भ्रमित करते हैं, अगर वे सच में उनकी भलाई चाहते तो उन्हें उनकी इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और आदिवासी नायकों के बलिदान के बारे में बताते, न कि भ्रम फैलाते।

पहले भी कई आदिवासियों ने की है 'घर वापसी'

भावना बोहरा ने विधायक निधि से 2 बाइक एम्बुलेंस का भी तोहफा दिया जो जंगल के दूर-दराज के गांवों जैसे छिरपानी और कुई-कुकदुर क्षेत्र में इमरजेंसी मेडिकल सर्विस में काम आएंगी। ये बाइक एम्बुलेंस दुर्गम इलाकों में तेजी से पहुंचकर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करेंगी। गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप बीमार मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों को प्राथमिक उपचार और तेजी से अस्पताल पहुंचाने में ये काफी काम आ सकती हैं। इससे पहले भी विधायक बोहरा के प्रयासों से न्यूर गांव के आसपास के जंगल क्षेत्रों से 115 आदिवासी नागरिक और कुई-कुकदुर क्षेत्र से 70 आदिवासी अपनी जड़ों की ओर लौट चुके हैं।

छत्तीसगढ़ की सबसे अमीर विधायक हैं बोहरा

भावना बोहरा भारतीय जनता पार्टी की सदस्य हैं और छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले की पंडरिया विधानसभा सीट से विधायक हैं। 2023 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने कांग्रेस की नीलू चंद्रवंशी को 26 हजार से भी ज्यादा वोटों के अंतर से हराया था। भावना को आदिवासी बाहुल्य इलाकों में धर्म परिवर्तन कर चुके सैकड़ों लोगों की घर वापसी कराने के लिए जाना जाता है, और वह इसमें काफी सक्रिय हैं। वह छत्तीसगढ़ की सबसे अमीर विधायक हैं, और 2023 के उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनकी संपत्ति 33 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसके साथ ही उनके ऊपर 6 करोड़ रुपये की देनदारी भी है।