अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में ग्रामीणों और पुलिसवालों के बीच हिंसक झड़प की खबर है। इस झड़प में एएसपी समेत करीब दो दर्जन पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। पथराव कर रहे ग्रामीणों पर पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। यहां के ग्रामीण SECL के अमेरा कोयला खदान के विस्तार का विरोध कर रहे थे।
अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
ग्रामीणों के विरोध की आशंका के मद्देनजर वहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। ग्रामीणों की भीड़ ने अचानक वहां तैनात पुलिस वालों पर हमला बोल दिया और पुलिसवालों पर पथराव शुरू कर दिया। गांववाले लाठी-डंडे कुल्हाड़ी भी लेकर आए थे।हालात को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस फोर्स की तैनाती की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक ग्राम परसोडी कला के ग्रामीण खदान विस्तार विरोध कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि बगैर भूमि अधिग्रहण किए SECL के अमेरा कोल खदान का विस्तार किया जा रहा है। ग्रामीण इसी बात का विरोध कर रहे थे। ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर जमकर पथराव किया। पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। ग्रामीणों के हमले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी,थाना प्रभारी सहित दो दर्जन पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है।
सरगुजा के अपर कलेक्टर ने क्या कहा?
सरगुजा के अपर कलेक्टर सुनील नायक ने बताया कि 2016 में भू-अर्जन की कार्रवाई पूरी हो चुकी है इसलिए हमलोग ग्रामीणों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि वो एसईसीएल को काम करने दें और अगर अपनी बात रखनी है तो नियमों के मुताबिक रखें। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के हमले में कई पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं। घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रिपोर्ट-सिकंदर खान, अंबिकापुर