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Hindi News क्राइम सस्ते दामों में हवाई टिकट, कहीं आप भी तो नहीं हो रहे ठगी का शिकार, झांसा देने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार

सस्ते दामों में हवाई टिकट, कहीं आप भी तो नहीं हो रहे ठगी का शिकार, झांसा देने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार

सस्ते दामों में हवाई टिकट के नाम पर की जाने वाली ठगी में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। पुलिस की टीम ने पूरे गैंग का भंडाफोड़ किया है। दो आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi Image Source : FREEPIK सांकेतिक तस्वीर

दिल्ली पुलिस ने ऐसे साइबर ठगों का भंडाफोड़ करने का दावा किया है, जो कम कीमत में हवाई टिकट बुक कराने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करते थे। एक अधिकारी ने बताया कि मामले में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

देहरादून और देवबंद से 2 गिरफ्तार

आरोपियों की पहचान देहरादून के 28 वर्षीय तनुज अग्रवाल और उत्तर प्रदेश में देवबंद के 30 वर्षीय तनवीर के नाम पर हुई है। अधिकारियों ने कहा कि दोनों एक मैसेजिंग ऐप के जरिए कुछ चीनी नागरिकों से संपर्क में थे। 

ऐसा खुला ठगी का खेल

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'यह मामला तब उजागर हुआ जब सिविल लाइंस इलाके के एक शिकायतकर्ता डिक्सन सिंह ने आरोप लगाया कि केरल जाने के लिए कम कीमत में हवाई टिकट बुक करने की कोशिश में उन्होंने 50,000 रुपये गंवा दिए।' शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्हें रियायती टिकटों का एक ऑनलाइन विज्ञापन मिला और भुगतान लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्हें पैसे भेजने के लिए कहा गया। 

खाते में ट्रांसफर की गई रकम

अधिकारी ने कहा कि उत्तरी जिले के साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच ​​के दौरान, पुलिस को पता चला कि शिकायतकर्ता का पैसा अग्रवाल द्वारा संचालित यूटीएम टूरिज्म सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया गया था। अग्रवाल को 16 सितंबर को देहरादून के सहस्त्रधारा रोड इलाके से गिरफ्तार किया गया। 

चीनी नागरिकों के भी संपर्क में

अग्रवाल ने खुलासा किया कि उसने अपना खाता तनवीर को दे दिया था, जो एक मैसेजिंग ऐप पर कुछ चीनी नागरिकों के संपर्क में था। पुलिस ने कहा कि तनवीर के कहने पर अग्रवाल ने 65,000 रुपये के बदले में अपने खाते का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी। 

विदेशी संचालकों को दी जाती थी जानकारी

तनवीर को देवबंद में 18 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान, उसने पुलिस को बताया कि वह मैसेजिंग ऐप के जरिए विदेशी संचालकों को बैंक खाते की जानकारी देता था और बदले में प्रति खाता 1 से 1.5 लाख रुपये लेता था। 

एक चेकबुक और दो मोबाइल फोन बरामद 

अधिकारी ने आगे कहा, 'सत्यापन से पता चला है कि विभिन्न राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की कम से कम 25 शिकायतें इस खाते से जुड़ी हैं।' पुलिस ने आरोपी के पास से यूटीएम टूरिज्म सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम की एक चेकबुक और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस पूरे मामले में आगे की जांच जारी है। (भाषा के इनपुट के साथ)

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