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Hindi News क्राइम लखनऊ में हनी-ट्रैप, ब्लैकमेलिग गिरोह का भांडाफोड़, गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

लखनऊ में हनी-ट्रैप, ब्लैकमेलिग गिरोह का भांडाफोड़, गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

लखनऊ पुलिस ने हनीट्रैप में फंसाकर फिरौती के लिए एक डॉक्टर को अगवा और ब्लैकमेल करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एक डेंटिस्ट इस गिरोह के जाल में फंस गया था जिसने उससे पैसे उगाहने की कोशिश की और जान से मारने की धमकी भी दी।

Honey-trap gang busted in Lucknow, 2 held for extorting money- India TV Hindi Image Source : PTI (REPRESENTATIONAL IMAGE) लखनऊ पुलिस ने हनीट्रैप में फंसाकर फिरौती के लिए एक डॉक्टर को अगवा और ब्लैकमेल करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

लखनऊ: लखनऊ पुलिस ने हनीट्रैप में फंसाकर फिरौती के लिए एक डॉक्टर को अगवा और ब्लैकमेल करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एक डेंटिस्ट इस गिरोह के जाल में फंस गया था जिसने उससे पैसे उगाहने की कोशिश की और जान से मारने की धमकी भी दी। उन्नाव के रहने वाले सचिन राव और दिल्ली की निशू को गिरफ्तार किया गया है लेकिन आदिल, बलराम वर्मा, प्रवेश जायसवाल, नजर अब्बास और सना समेत गिरोह के अन्य सदस्य फरार हैं।

डॉक्टर को सुशांत गोल्फ सिटी के ओमैक्स अपार्टमेंट के 1302 नंबर फ्लैट पर बुलाया गया जहां उन्हें बहला-फुसलाकर सना के साथ छेड़छाड़ की स्थिति में फिल्माया गया, जिसके बाद उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया गया। एटीएम पिन बताने से ना करने पर डॉक्टर को फ्लैट में बंधक बना लिया गया और पीटा गया।

अश्लील वीडियो बनाने के बाद आरोपियों ने उनसे 30 लाख रुपये मांगे। पैसे न देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी। पुलिस ने मामले की पड़ताल की तो हनीट्रैप के जरिए लोगों को फंसाकर ब्लैक मेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने गुरुवार को गिरोह के दो सदस्यों सचिन रावत और नीशू उर्फ कहकशां को गिरफ्तार कर लिया, जबकि आदिल, बलराम वर्मा, प्रवेश जायसवाल, नजर अब्बास और सना फरार हैं।

एडीसीपी (पूर्व) एसएम कासिम आबिदी ने कहा, "आरोपी ने उनसे (डॉक्टर) फिरौती के रूप में 30 लाख रुपये की मांग की, क्लिप को वायरल करने की धमकी दी। उन लोगों ने पुलिस की मदद मांगने पर पीड़ित के बच्चों को मारने की धमकी भी दी।" डॉक्टर के दोस्त ने पैसे की व्यवस्था के बहाने उसे पुलिस तक पहुंचने में मदद की। हालांकि, जब पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची, तो अपहर्ता भाग गए थे और डॉक्टर को बचा लिया गया था।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) नीलाब्जा चौधरी ने कहा कि फरार लोगों से प्रत्येक पर 15,000 रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया है। पुलिस के मुताबिक गुडंबा इलाके के पीड़ित डॉक्टर ने दो दिसंबर को विभूति खंड थाने में स्टेशन में अपहरण, मारपीट और रंगदारी मांगने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। एसीपी विभूतिखंड स्वतंत्र सिंह ने बताया कि आरोपी आदिल, सचिन रावत, बलराम वर्मा, प्रवेश जायसवाल और नजर अब्बास दोस्त हैं, जबकि सना आदिल की पत्नी है।

बलराम और प्रवेश गोल्फ सिटी इलाके में ओमैक्स बिल्डिंग फेस-2 में अपने एक दोस्त के फ्लैट में रहते थे। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि इस गिरोह ने करीब 30 लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर उनसे पैसे ऐंठे हैं। पुलिस ने गिरोह के शिकार लोगों से अपील की है कि वे सामने आएं और केस दर्ज करवाएं।

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