राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अवैध बांग्लादेशियों पर पुलिस का कड़ा शिकंजा है। दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जहांगीर पुरी मेट्रो स्टेशन के पास से 5 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से प्रतिबंधित IMO ऐप से लैस सात मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग ये अपने परिवारजनों से संपर्क साधने के लिए कर रहे थे।
पहचान छिपाने के लिए ट्रांसजेंडर का रूप धारण किया
पुलिस के अनुसार, इन सभी नागरिकों ने भारत में अवैध रूप से घुसपैठ की थी। ट्रेनों के जरिए दिल्ली पहुंचे थे। जांच में खुलासा हुआ है कि ये लोग अपने असली पहचान को छुपाने के लिए ट्रांसजेंडर का रूप धारण कर भीख मांगने और अन्य गतिविधियों में संलिप्त थे। उन्होंने पकड़ से बचने के लिए हार्मोनल इंजेक्शन व सर्जरी का भी सहारा लिया था।
7 दिन की रैकी के बाद गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने उत्तर-पश्चिम जिले में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में जहांगीर पुरी और महेन्द्रा पार्क थाना क्षेत्र में एक विशेष टीम गठित की गई थी। 7 दिनों की निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के बाद 7 अप्रैल को एक सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई।
दिल्ली पुलिस की टीम ने सुबह तड़के जाल बिछाकर सभी 5 संदिग्धों को धर दबोचा है। इन सभी गिरफ्तार किए गए अवैध बांग्लादेशियों के नाम का भी खुलासा हो गया है।
सभी अवैध बांग्लादेशियों के नाम सामने आए
- मो. शकीदुल, उम्र 24 वर्ष, निवासी – जिला शेरपुर, बांग्लादेश
- मो. दुलाल अख्तर उर्फ हज़ेरा बीबी, उम्र 36 वर्ष, जिला जमालपुर
- मो. आमिरुल इस्लाम उर्फ मोनिका, उम्र 31 वर्ष, जिला ढाका
- मो. माहिर उर्फ माहि, उम्र 22 वर्ष, जिला टांगाइल
- सद्दाम हुसैन उर्फ रुबीना, उम्र 30 वर्ष, जिला दिनाजपुर
प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी शुरू की गई
इनके पास से सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें प्रतिबंधित IMO ऐप इंस्टॉल था। गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्तियों को एफआरआरओ, आरके पुरम को सौंप दिया गया है। आखिर दिल्ली में इनकी मंशा क्या थी? ये भी पता लगाया जा रहा है। उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। इस पूरे मामले की जांच जारी है।