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Hindi News दिल्ली Pollution Ka Solution: दिल्ली में AQI की टेंशन कैसे कम होगी? पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का EXCLUSIVE इंटरव्यू

Pollution Ka Solution: दिल्ली में AQI की टेंशन कैसे कम होगी? पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का EXCLUSIVE इंटरव्यू

दिल्ली में प्रदूषण की वजह से हर साल लाखों जिंदगियां प्रभावित हो रही हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस गंभीर मुद्दे पर इंडिया टीवी के कॉन्क्लेव में एक्सक्लूसिव बातचीत की।

दिल्ली में प्रदूषण एक वार्षिक संकट बन चुका है, जो हर साल लाखों जिंदगियों को प्रभावित कर रहा है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस गंभीर मुद्दे पर इंडिया टीवी के कॉन्क्लेव #pollutionkasolution में एक्सक्लूसिव बातचीत करते हुए दिल्ली के प्रदूषण से निपटने को लेकर रोडमैप बताया।

ह्यूमन एक्टिविटी से प्रदूषण

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा कि पॉल्यूशन कोई नेचर की वजह से नहीं होता, बल्कि ह्यूमन की वजह से होता है। जब ह्यूमन एक्टिविटी और मौसम की स्थिति दोनों में जो परिणाम होता है वह प्रदूषण के रूप में आता है।

उन्होंने बताया कि अब जो ह्यूमन एक्टिविटी है, जिसमें पॉल्यूशन का बड़ा कारण फ्यूल है। फ्यूल में सबसे ज्यादा कार्बन पैदा होता है। व्हीकल और इंडस्ट्रियल पॉल्यूशन ये हमारी एक्टिविटी के कारण होता है। दूसरा ह्यूमन एक्टिविटी का बड़ा कारण कंस्ट्रक्शन, डिमॉल्यूशन और डस्ट है।

Image Source : India TVइंडिया टीवी कॉन्क्लेव Pollution Ka Solution

AQI के गणना पर क्या बोले पर्यावरण मंत्री?

पर्यावरण मंत्री ने बताया कि PM 2.0 का अर्थ है कि कार्बन, ओजोन, नाइट्रोजन, सल्फर डाइ-ऑक्साइड, मिथेन जैसी गैसेज निकलती है। PM 10 का अर्थ है कि डस्ट के जो पार्टिकल होते हैं वो भी वायुमंडल में जाते हैं। इसके कारण जो एवरेज बनता है उसे हम AQI के रूप में गणना करते हैं।

उन्होंने बताया कि हमें दिल्ली के पॉल्यूशन की समस्या को अकेले दिल्ली से आंकना ठीक नहीं है। दिल्ली के आस-पास जो हमारे और तीन राज्य हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश है और विशेषकर जो हमारा एनसीआर रिजन है उसमें 8 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन आते हैं, जिनमें गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुड़गांव, मानेसर, अलवर शामिल हैं। ये सब आपस में इंटर-कनेक्टेड हैं, इसलिए सबसे पहला विषय है कि इनमें एक बैठक को-ऑर्डिनेशन हो। इसके लिए हमलागों ने एक तंत्र CAQM को विकसित किया।