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बारात लेट हुई तो बस वाले पर लगा 64 हजार का जुर्माना, जानें ये दिलचस्प मामला

Barat Bus Breakdown Case: बारात की बस लेट पहुंची तो इस मामले में दिल्ली कंज्यूमर कमीशन ने पीड़ित को 64 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। साथ ही, इस राशि पर ब्याज भी लगाया है।

Barat bus breakdown case- India TV Hindi
Image Source : PEXELS (प्रतीकात्मक फोटो) बस कंपनी पर बारात लेट होने पर जुर्माना लगा है।

दिल्ली में एक अजीबोगरीब केस सामने आया है, जहां बारात ले जा रही बस जब रास्ते में खराब पड़ गई तो दूल्हे पक्ष को बड़ी परेशानी उठानी पड़ी। दिल्ली कंज्यूमर कमीशन ने अब इस केस में बस सर्विस देने वाली कंपनी पर ब्याज सहित 64 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कमीशन ने इसको सर्विस में गंभीर कमी माना और पीड़ित पक्ष को मुआवजा देने का ऑर्डर किया।

बारातियों को 2 घंटे की देरी से किया था पिक

Bar and Bench में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने 8 दिसंबर, 2022 को अपनी बारात दिल्ली से यूपी के बुलंदशहर में ले जाने के लिए बस की बुकिंग की थी। 18 हजार 500 रुपये में बुकिंग अमाउंट तय हुआ था, जिसमें से 14 हजार रुपये बस वाले को पहले ही दिए जा चुके थे। शिकायत के मुताबिक, बस को दोपहर के 2:30 बजे पहुंच जाना था और बारातियों को पिक करना था, लेकिन वह लगभग 2 घंटे लेट पहुंची। इससे बारातियों और उनके रिश्तेदारों को बहुत परेशानी हुई।

आधी रात बीच रास्ते में खराब हो गई बस

लेकिन यह मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ। आरोप के अनुसार, बस ने तय रास्ते की जगह लंबा रूट लिया और रात के वक्त बीच रास्ते में ही खराब हो गई। उस वक्त बारात अपनी मंजिल से करीब 58 किलोमीटर दूरी पर थी। दूल्हे पक्ष को ऐसे में आधी रात दूसरी गाड़ी की व्यवस्था करनी पड़ी। बारात आखिरकार देर रात लगभग 3 बजे विवाह स्थल पर पहुंची, जिससे शादी की रस्मों काफी देर हुई।

विवाह जैसे समारोह में देरी बनती है तनाव की वजह

कमीशन की अध्यक्ष दिव्या ज्योति जैपुरियार और सदस्य रश्मि बंसल की पीठ ने कहा कि विवाह जैसे समारोह समय को लेकर बेहद संवेदनशील होते हैं। ऐसे अवसर पर हुई देरी से परिवार को मेंटल टेंशन, असुविधा और सामाजिक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है।

मिला ब्याज के साथ 64 हजार रुपये चुकाने का दंड

दिल्ली कंज्यूमर कमीशन ने इस केस में बस ऑपरेटर से पीड़ित को 14 हजार रुपये किराया वापस करने, उसके ऊपर 6 प्रतिशत ब्याज देने और मानसिक उत्पीड़न व हुई परेशानी के लिए 50 हजार रुपये अतिरिक्त मुआवजा देने का ऑर्डर दिया है। साथ ही, 30 दिन में भुगतान नहीं करने पर 9 फीसदी ब्याज की बात भी कही गई है।

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