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Hindi News दिल्ली आप में है लंगूर की आवाज निकालने की कला तो जल्द करें अप्लाई, 8 घंटे की है ड्यूटी, दिल्ली विधानसभा में करना होगा काम

आप में है लंगूर की आवाज निकालने की कला तो जल्द करें अप्लाई, 8 घंटे की है ड्यूटी, दिल्ली विधानसभा में करना होगा काम

दिल्ली विधानसभा परिसर में बंदर काफी संख्या में आ जाते हैं। इन बंदरों की वजह से विधायकों और सीनियर अधिकारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi Image Source : PTI AND FREEPIK सांकेतिक तस्वीर

दिल्ली विधानसभा परिसर में बंदरों का आतंक है। परिसर में बार-बार घुस आने वाले बंदरों की समस्या से निपटने के लिए विधानसभा प्रशासन लंगूर की आवाज की नकल कर सकने वाले लोगों को नियुक्त करने की योजना बना रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इलाके के आसपास कई बंदर हैं जो तारों और डिश एंटीना पर उछल कूद करते रहते हैं और उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे परेशानी होती है। 

विधायकों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षा का खतरा

यह कदम विधानसभा परिसर में बंदरों के बार-बार घुसने की घटनाओं के बीच उठाया जा रहा है, जो विधायकों, कर्मचारियों और आगंतुकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि लोक निर्माण विभाग (PWD) ने ऐसे प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती के लिए निविदा जारी की है, जो लंगूर की आवाज की नकल कर सकें। यह तरीका बंदरों को बिना नुकसान पहुंचाए भगाने में प्रभावी और मानवीय माना जाता है। 

बंदरों को भगाने के लिए लंगूर भी साथ लाना होगा

लंगूरों की आवाज निकालने वाला व्यक्ति बंदरों को भगाने के लिए एक लंगूर भी साथ लाएगा। उन्होंने कहा, ‘लंगूर के कटआउट लगाने की भी योजना थी, लेकिन हमने देखा है कि अब बंदर उनसे डरते नहीं हैं। उलटे वे उन कटआउट्स के ऊपर ही बैठ जाते हैं।’ 

जारी किया गया नया कॉन्ट्रैक्ट

अधिकारी ने कहा कि पहले लंगूर की आवाज की नकल करने वाले कर्मी तैनात थे, लेकिन उनका अनुबंध समाप्त हो गया। अब लंगूर की आवाज की नकल कर सकने वाले प्रशिक्षित लोगों को नियुक्त करने के लिए नया कॉन्ट्रैक्ट जारी किया गया है। 

8 घंटे की पाली में करना होगा काम

अधिकारियों के अनुसार, कार्यदिवसों और शनिवार को प्रशिक्षित प्रशिक्षक की तैनाती की योजना है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति आठ घंटे की पाली में काम करेगा। एक अधिकारी ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षित लोगों को नियुक्ति करने से संबंधित एजेंसी यह भी सुनिश्चित करेगी कि संचालन के दौरान उचित उपकरण, अनुशासन और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए।