A
Hindi News दिल्ली दिल्ली के माता चन्नन देवी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म, खतरे में 200 मरीजों की जान

दिल्ली के माता चन्नन देवी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म, खतरे में 200 मरीजों की जान

दिल्ली के कई अस्पतालों में इस वक्त ऑक्सीजन की कमी हो गई है। माता चन्नन देवी अस्पताल में भी हड़कंप मचा हुआ है।

<p>दिल्ली के माता चन्नन...- India TV Hindi Image Source : INDIA TV दिल्ली के माता चन्नन देवी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म, खतरे में 200 मरीजों की जान

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कोटा बढ़ा दिया है लेकिन अस्पताल तक ऑक्सीजन की सप्लाई में बड़ी मुश्किल आ रही है। दिल्ली के कई अस्पतालों में इस वक्त ऑक्सीजन की कमी हो गई है। माता चन्नन देवी अस्पताल में भी हड़कंप मचा हुआ है। मरीज़ों के परिवारवालों को जैसे ही अस्पताल में ऑक्सीजन के खत्म होने का पता चला। चीख पुकार मच गई और फुटपाथ पर बैठे लोग रोने लगे। इस अस्पताल में करीब 200 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है। ऐसी ही तस्वीर दिल्ली के कई अस्पतालों की है। दिल्ली में कोरोना संकट लगातार बढ़ रहा है जिसे लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज फिर उप राज्यपाल के साथ मीटिंग करने वाले हैं।

पिछले 24 घंटे में दिल्ली में एक बार फिर क़रीब 25 हजार नए केस रिपोर्ट हुए हैं जबकि 249 लोगों की मौत हुई है यानी दिल्ली में पिछले 24 घंटे में हर एक घंटे 10 मरीज़ों ने दम तोड़ दिया है। दिल्ली में सबसे ज़्यादा चिंता का विषय है पॉजिटिवटी रेट क्योंकि पिछले 24 घंटे की रिपोर्ट के मुताबिक 10 में हर तीसरा शख़्स दिल्ली में कोरोना पॉज़िटिव पाया गया है। दिल्ली में बुधवार 78 हज़ार से ज्यादा टेस्ट किए गए हैं जिसमें 24 हजार से ज्यादा संक्रमित पाए गए यानी पॉजिटिविटी रेट 31 फीसदी से भी ज्यादा है।

वहीं, आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण की वजह से दिल्ली में खराब होते हालात को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को बड़ा निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में तुरंत ऑक्सीजन पहुंचाई जाए। दरअसल, मैक्स हॉस्पिटल ने ऑक्सीजन की सप्लाई को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। अर्जी में कहा गया है कि मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज और मैक्स हॉस्पिटल शालीमार बाग में कोरोना मरीजो के लिए 2 घंटे की ऑक्सीजन बची है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि अभी मैक्स हॉस्पिटल की अर्जी हमारे सामने है कल दूसरे हॉस्पिटल भी होगे। ऐसा लगता है कि सरकार ने कल के आदेश के बावजूद ऑक्सीजन की पर्याप्त सप्लाई को लेकर कुछ किया नहीं है।