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Hindi News दिल्ली दिल्ली: अपराध की दुनिया में फंस रहे नाबालिग, हत्या के मामलों में 270 और हत्या के प्रयास में 457 नाबालिग पकड़े गए

दिल्ली: अपराध की दुनिया में फंस रहे नाबालिग, हत्या के मामलों में 270 और हत्या के प्रयास में 457 नाबालिग पकड़े गए

दिल्ली में नाबालिगों से जुड़ा बेहद चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। दिल्ली में हत्या के मामलों में 270, हत्या के प्रयास के मामलों में 457 नाबालिगों को पुलिस ने अब तक पकड़ा है।

Delhi Police- India TV Hindi Image Source : PTI/REPORTER INPUT दिल्ली पुलिस

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में नाबालिग, क्राइम की दुनिया की चकाचौंध में फंसते जा रहे हैं। अगर दिल्ली पुलिस के उन आंकड़ों पर नजर डालें, जिन अपराधों में नाबालिक शामिल हैं तो आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। 

क्या कहता है आंकड़ा?

राजधानी दिल्ली में हत्या के मामलों में 270, हत्या के प्रयास के मामलों में 457, डकैती के मामलों में 32, रॉबरी के मामलों में 368, रेप के मामलों में 136, किसी को नुकसान पहुंचाने के मामलों में 307, तो वहीं चोरी के मामलों में 679 नाबालिगों को पुलिस ने अब तक पकड़ा है। 

दिल्ली पुलिस ने इस साल जनवरी से नवंबर महीने तक यानी पिछले 11 महीने में 3347 नाबालिकों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, नाबालिग के क्राइम में शामिल होने के पीछे कई कारण हैं।

ज्यादातर नाबालिग क्रिमिनल स्कूल ड्रॉप

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अधिकतर नाबालिक क्रिमिनल स्कूल ड्रॉप आउट होते हैं। ड्रग्स की वजह से भी नाबालिक क्राइम की दुनिया में पहुंच जाते हैं तो वहीं सोशल मीडिया भी नाबालिग के द्वारा क्राइम करने का एक बड़ा कारण है। वहीं पुलिस का कहना है की जेजे एक्ट में नाबालिकों को ज्यादा सजा नहीं होती, ऑब्जरवेशन रूम में रखा जाता है। यह भी एक बड़ा कारण है।

दिल्ली में आए दिन घटित हो रहीं घटनाएं

गौरतलब है कि दिल्ली में आए दिन अपराध से जुड़ी ऐसी खबरें सामने आती हैं, जिसमें बहुत कम उम्र के बच्चे शामिल होते हैं। ये बच्चे सही मार्गदर्शन नहीं मिलने की वजह से अपराध के दलदल में फंस जाते हैं और फिर इनकी जड़े इतनी गहरी हो जाती हैं कि उनका सामान्य जीवन में वापस लौटना मुश्किल हो जाता है। आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में सरकार को भी काम करने की जरूरत है कि कैसे नाबालिगों को अपराध के दलदल में फंसने से बचाया जा सके।