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खुशखबरी! वाहनों के इंतजार का झंझट खत्म, 80 से 100 की रफ्तार में निकलेंगी गाड़ियां, अब ये टोल प्लाजा हुआ बैरियर मुक्त

टोल प्लाजा को बैरियर मुक्त किए जाने का ऐलान खुद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया है। उन्होंने कहा कि अब टोल प्लाजा में वाहनों की लंबी कतारें नहीं लगेंगी।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : PTI सांकेतिक तस्वीर

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि देशभर में नई अवरोध-रहित टोल प्रणाली के लागू होने से राजमार्गों पर निर्बाध यात्रा संभव हो सकेगी। टोल प्लाजा के संचालन पर सरकार का सालाना करीब 6,000 करोड़ रुपये खर्च बचेगा। गडकरी ने दिल्ली में अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) पर स्थित मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) प्रणाली की शुरुआत करते हुए यह बात कही। 

AI आधारित लगाए गए कैमरे

उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के जरिए वाहन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरों की मदद से 80-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरते हुए भी टोल चुका सकेंगे, जिससे उन्हें इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि इस नई व्यवस्था की शुरुआत से परिचालन लागत भी घटेगी और भविष्य में करीब 285 करोड़ रुपये का ईंधन बचने के साथ 81,000 टन कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा।

बिना रुके टोल भुगतान की सुविधा

यह अत्याधुनिक टोल संग्रह प्रणाली वाहनों को बिना रुके टोल भुगतान की सुविधा देती है। इसमें 'ऑटोमेटिक नंबर प्लेट' पहचान और 'फास्टैग' जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया जाता है। इस पहल का मकसद टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारों और देरी को कम करना, ईंधन की बचत करना, यात्रा का समय घटाना और बेहतर 'ड्राइविंग' अनुभव प्रदान करना है। 

जानिए क्या है ई-नोटिस?

देश में MLFF अवरोधक-रहित टोलिंग प्रणाली वाला यह दूसरा टोल प्लाजा है। इससे पहले एक मई को गुजरात में चोर्यासी टोल प्लाजा पर इस तरह की प्रणाली शुरू की गई थी। गडकरी ने इस प्रणाली के तहत लेन-देन की प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि 'भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण' (NHAI) ग्राहकों के फास्टैग से साझेदार बैंक द्वारा काटे गए उपयोग शुल्क को प्राप्त करेगी। अगर किसी वाहन का फास्टैग काम नहीं करता है या उसमें बैलेंस कम होता है, तो उसे ई-नोटिस मिलेगा और 72 घंटे के भीतर भुगतान करना होगा। 

नौ राज्यों के 17 टोल प्लाजा शामिल 

एनएचएआई के चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर इस एमएलएफएफ प्रणाली को और व्यापक रूप से लागू करने की योजना है। यादव ने कहा कि देशव्यापी विस्तार योजना के तहत नौ राज्यों के 17 टोल प्लाजा शामिल किए गए हैं। इन्हें सितंबर, 2026 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। 

2027 तक 108 से अधिक टोल प्लाजा में होगी ये सुविधा

इस सूची में गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और असम जैसे राज्य शामिल हैं। इसके बाद दूसरे चरण में मार्च, 2027 तक 108 से अधिक टोल प्लाजा को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा। सार्वजनिक क्षेत्र की एनएचएआई देशभर में विभिन्न स्थानों पर करीब 1,100 टोल प्लाजा का संचालन करती है।