नई दिल्लीः दिल्ली के जनकपुरी में गड्ढे में गिरने से बाइक सवार की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं। मृतक कमल के परिजनों का आरोप है कि पुलिस अगर मदद की होती तो शायद कमल की जान बच गई होती। कमल के भाई करण का कहना है कि हम लोग एक-एक थाने का चक्कर लगाए। फोन करते रहे। पुलिस ने कहा कि रात में ढूढ़ना संभव नहीं है। शिकायत सुबह दर्ज की जाएगी। परिवार का कहना है कि जब कमल का फोन एक्टिव था तो लोकशन ढूढ़कर घटनास्थल तक पहुंचा जा सकता था। गड्डे वाले रास्ते पर तलाशी करनी चाहिए थी।
ठेकेदार और जल बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा
जनकपुरी में गड्ढे में गिरने से बाइक सवार की मौत के बाद पुलिस ने ठेकेदार और जल बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दिल्ली पुलिस ने BNS की धारा 105 के तहत केस दर्ज किया है। शिकायत में गया है कि लेडी कॉलर ने बताया की एक बाइक वाला 15 फ़ीट गहरे गड्ढे में गिर गया है। जब पुलिस स्टाफ मौके पर पहुंचा तो देखा कि एक अज्ञात व्यक्ति बाइक नम्बर DL9 SC J 9478 अपाचे करीब 20 फिट लम्बा और 13 फिट चौड़ा, 14 फ़ीट गहरा, सड़क के बीचोबीच खोदे गए गड्ढे में गिरा हुआ था।
पुलिस ने कहा कि आस-पास देखने पर पता चला था की ये गड्डा दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदा गया है, जो इंजर्ड अननोन को फिर फायर ब्रिगेड की मदद से बाहर निकालकर PCR की गाड़ी से DDU अस्पताल भेजा गया। मौके पर कोई चश्मदीद नहीं मिला।
जानें FIR में क्या लिखा है
पुलिस द्वारा दर्ज FIR में कहा गया है कि मेन रोड पर बनाये गए गड्ढे को ढका नहीं गया था। खुदाई के काम के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। चेतावनी चिन्ह या रिफ्लेक्टर इत्यदि भी नहीं लगाई थी। वहां पर रोशनी का भी उचित प्रबंध नहीं था। इसके कारण ये घटना हुई।
FIR में कहा गया है कि दिल्ली जल बोर्ड और उसके ठेकेदार को मालूम था की उनके द्वारा बिना सुरक्षा इंतजाम के सड़क सरेआम पर गड्डा खोदकर छोड़ देंने से कोई व्यक्ति गिरकर मर सकता है लेकिन फिर भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किये और न ही कोई सिक्युरिटी गार्ड लगाया गया। काफी कोशिश के बाद भी अब तक घटना से सम्बंधित कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं मिला है।