दिल्ली-NCR में जहरीली हुई हवा, लागू हुआ GRAP-IV; जानें कहां-कितना है AQI
राजधानी दिल्ली में लगातार खराब हो रही एयर क्वालिटी के बीच GRAP-IV लागू कर दिया गया है। दिल्ली-एनसीआर में इसे लागू कर दिया गया है। बता दें कि दिल्ली के कई इलाकों में AQI '450+' तक पहुंच गया है।

नई दिल्ली: दिल्ली की एयर क्वालिटी लगातार बिगड़ती जा रही है। इस बीच वायु प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में GRAP-IV को लागू कर दिया गया है। दिल्ली की एयर क्वालिटी की बात करें तो यह 450 के साथ 'गंभीर प्लस' स्तर के करीब पहुंच गई है। CQAM द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दिल्ली का एक्यूआई, जो आज शाम 4 बजे 431 दर्ज किया गया था, उसमें वृद्धि देखी गई और धीमी हवा की गति, स्थिर वातावरण, प्रतिकूल मौसम मापदंडों और मौसम संबंधी स्थितियों तथा प्रदूषकों के अपर्याप्त फैलाव के कारण यह आज शाम 6 बजे 446 तक पहुंच गई।
एयर क्वालिटी में गिरावट के बाद लिया फैसला
CQAM द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, "क्षेत्र में वायु गुणवत्ता की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए और वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने के प्रयास के तहत सीएक्यूएम की जीआरएपी संबंधी उप-समिति ने मौजूदा GRAP के चरण-IV 'गंभीर+' वायु गुणवत्ता के तहत परिकल्पित सभी कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से पूरे एनसीआर में लागू करने का निर्णय लिया है। यह एनसीआर में पहले से लागू मौजूदा जीआरएपी के चरण I, II और III के तहत की गई कार्रवाइयों के अतिरिक्त है।"
दिल्ली में कहां-कितना रहा एक्यूआई?
इसके अलावा, आदेश में कहा गया है कि एनसीआर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड/समिति और अन्य संबंधित एजेंसियों को क्षेत्र में एयर क्वालिटी की स्थिति को और खराब होने से रोकने के लिए निवारक उपायों को तेज करने के लिए कहा गया है। बता दें कि शाम 7 बजे तक आनंद विहार में AQI 488, अशोक विहार में 434, बवाना में 496, बुराड़ी में 457, चांदनी चौक में 479, आईजीआई एयरपोर्ट पर 394 और ओखला फेज-2 में 445 था।
इन चीजों पर प्रतिबंध
- दिल्ली-एनसीआर में सभी प्रकार के ट्रकों की आवाजाही पर प्रतिबंध।
- केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े ट्रकों को दिल्ली-एनसीआर में आने की इजाजत मिलेगी।
- सभी प्रकार के निर्माण कार्यों और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर पाबंदी रहेगी। इसमें विकास कार्य भी शामिल हैं।
- स्कूलों को सभी कक्षाएं हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) में संचालित करना होगा।
- सरकारी कार्यों में 50 प्रतिशत कर्मचारी ही काम पर जा सकेंगे। बाकी के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा।
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