दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस का अभियान जारी है। इसी कड़ी में आए दिन बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़कर डिपोर्ट किया जा रहा है। इतना ही नहीं भारत के अलग-अलग राज्यों में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के पास भारतीय दस्तावेज भी हैं, जिसमें आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड जैसे डॉक्यूमेंट्स शामिल हैं। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो अवैध बांग्लादेशियों को भारत लाकर यहां उन्हें रहने में मदद करता था। इसे लेकर दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी एसके जैन ने कहा कि यह गिरोह बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में मेघालय के जरिए भारत में लाता और फिर दिल्ली में उन्हें लाया जाता था।
बांग्लादेशियों को भारत में लाने वाले गिरोह का भंडाफोड़
उन्होंने कहा मॉड्यूल का पहला हिस्सा था बांग्लादेशियों को डंकी रूट के जरिए भारत में भेजना। दूसरे मॉड्यूल के तहत उन्हें भारत में रिसीव किया जाता और रात में उन्हें किसी स्थान पर ठहराया जाता। इसके बाद बांग्लादेशियों को असम में ले जाकर वहां से ट्रेन और दूसरे माध्यम से दिल्ली भेजा जाता। तीसरा मॉड्यूल इन बांग्लादेशियों को अवैध रूप से दिल्ली में बसने में मदद करता और उनके दस्तावेज बनवाता। बता दें कि इस मॉड्यूल का किंगपिन अनीश शेख है जो खुद 15 साल पहले बांग्लादेश से भारत आया था। इसने बांग्लादेश की साइड भी अपने एजेंट रखे हुए हैं। अनीश और उसकी पत्नी इन बांग्लादेशियों के रहने की व्यवस्था करते और उनके डॉक्यूमेंट्स को बनाने में मदद करते थे।
आधार कार्ड, पैन कार्ड बनाने में करते थे मदद
बता दें कि इस मामले में अबतक कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से 2 बांग्लादेशी नागरिक हैं और 2 भारतीय नागरिक हैं। इनके पास से कुल 6 आधार कार्ड और 5 पैन कार्ड बरामद किए गए हैं। साथ ही इनके बैंक अकाउंट के ट्रांजैक्शन को भी पुलिस खंगाल रही है। बता दें कि दिल्ली पुलिस की साउथ डिस्ट्रिक्ट पुलिस 12 बांग्लादेशियों को और 31 अफ्रीकन नागरिकों को साल 2024 में डिपोर्ट कर चुकी है। ये केवल साउथ डिस्ट्रिक्ट का आंकड़ा है। इसके अलावा साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट अभी तक 26 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट कर चुकी है। वहीं दोनों डिस्ट्रिक्ट मिलाकर अबतक कुल 38 बांग्लादेशियों को और 31 अफ्रीकन को डिपोर्ट किया जा चुका है।