दिल्ली और NCR में सोमवार को हल्की बारिश होने से तापमान में गिरावट आई है। लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान मौसमी औसत से काफी नीचे रहा है। लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है।
सोमवार देर रात होगी झमाझम बारिश
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सोमवार देर रात अलर्ट जारी किया है। IMD ने एक्स पर कहा कि अगले 2 घंटों के दौरान दिल्ली के कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम?
क्या अगले कुछ दिन तक दिल्ली-एनसीआर का मौसम ऐसा ही रहने वाला है? या दिल्ली-एनसीआर के लोगों को एक बार फिर उमस वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इसको लेकर मौसम विभाग ने अभी से जानकारी दे दी है।
गरज के साथ होगी बारिश
आईएमडी की ताजा बुलेटिन के अनुसार, ‘दिल्ली-एनसीआर में अगले कई दिनों तक आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। इस दौरान गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।’ आने वाले दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, छह जुलाई तक तापमान 31-34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। दिल्ली-एनसीआर के सभी जिलों में बारिश होने की आशंका जताई गई।
Image Source : PTIइंडिया गेट पर बारिश का आनंद लेते हुए लड़कों का ग्रुप
लू चलने की कोई संभावना नहीं
इस अवधि के दौरान लू चलने की संभावना नहीं है। दिल्ली में अभी हवाएं 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पूर्वी दिशा में हवा बह रही है। इससे ठंडक का असर और बढ़ गया है।
गर्मी और वायु प्रदूषण से मिलने वाली है राहत
आईएमडी अधिकारियों ने कहा कि सामान्य से कम तापमान और बार-बार बारिश होना मानसून के शुरुआती दौर की सामान्य परिपाटी है। फलस्वरूप हाल के हफ्तों में लगातार गर्मी और वायु प्रदूषण के स्तर से जूझ रहे लोगों को राहत मिलने की संभावना है।
सोमवार को जमकर हुई बारिश
सोमवार को दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में जमकर बारिश हुई। मुख्य वेधशाला सफदरजंग में अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 6.8 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब चार डिग्री कम है।
आयानगर में हुई 20 मिमी की बारिश
सोमवार को शहर के कई इलाकों में बारिश हुई। पालम में सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक 14.4 मिमी बारिश हुई। आयानगर में दिन में सबसे अधिक 20 मिमी बारिश हुई। पिछले 24 घंटों में आर्द्रता का स्तर उच्च रहा, जो 100 प्रतिशत तक पहुंच गया। (भाषा के इनपुट के साथ)