नई दिल्ली: उत्तर नगर में पीड़ितों की मदद के नाम पर फर्जीवाड़ा के मामले में नया एंगल सामने आया है। असल में आरोपी परिवार की एक मुस्लिम महिला का इंटरव्यू किसी बाहरी शख्स ने लिया था। ये महिला आरोपियों के परिवार की रिश्तेदार है, लेकिन तरुण की हत्या में उसका कोई रोल नहीं बताया जा रहा है। 10 मार्च को इस इंटरव्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इंटरव्यू में महिला कहती दिख रही है कि “हमारी कोई गलती नहीं है, हमारी मदद की जाए और हमारा घर न तोड़ा जाए।”
मदद के नाम पर करीब 37 लाख रुपये जमा
वीडियो लेने वाले शख्स ने इसे X, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। यूट्यूब पर इस वीडियो के साथ ही उसने एक QR कोड भी लगा दिया और लोगों से अपील की कि इस परिवार की मदद के लिए पैसे भेजें। बताया जा रहा है कि इस अकाउंट में अलग-अलग जगहों से मदद के नाम पर करीब 37 लाख रुपये जमा हो गए। इसी बीच सोशल मीडिया पर उत्तम नगर को लेकर कई तरह के गलत नैरेटिव भी चलने लगे थे। इसको देखते हुए पुलिस ने ऐसे लोगों पर कार्रवाई की बात कही थी।
पुलिस ने बैंक अकाउंट को फ्रीज किया
अब पुलिस ने इस बैंक अकाउंट को फ्रीज करवा दिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी परिवार को भी नहीं पता कि यह QR कोड किसने डाला और उसका असली मकसद क्या था। जिस शख्स ने महिला का इंटरव्यू लेकर इसे QR कोड के साथ वायरल किया, उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह कोई पत्रकार है, फ्रीलांसर है या कोई और। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसका मकसद असल में परिवार की मदद करना था या फिर तरुण हत्याकांड के नाम पर धोखाधड़ी से पैसा इक्कठा करना।
बता दें कि दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन हुई हालिया घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तमाम अफवाहें भी फैलाई जा रही हैं। इस मामले को धार्मिक एंगल देते हुए कुछ लोग अफवाह और भड़काऊ सामग्री फैलाने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ अब पुलिस की टीम ने कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। इस तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ द्वारका जिला पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ऐसे कई सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।
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