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हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया 54 हजार क्यूसेक पानी, बढ़ सकता है यमुना का जलस्तर

हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से 54000 से अधिक क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अगले 50 घंटों में इस पानी के दिल्ली पहुंचने की संभावना है। इस कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ सकता है।

Yamuna river water level likely to rise as over 54 thousands cusecs released from Haryanas Hathnikun- India TV Hindi
Image Source : PTI प्रतीकात्मक तस्वीर

हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से 54,707 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। जानकारी के अनुसार, यह पानी अगले 48 से 50 घंटों में दिल्ली पहुंचने की संभावना है, जिससे बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि नदी का जलस्तर 204.5 मीटर के चेतावनी निशान को छू सकता है। मंगलवार शाम तक, यमुना 202.24 मीटर पर बह रही थी। उन्होंने बताया कि अगर आने वाले दिनों में भारी बारिश जारी रही, तो जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। बढ़ते खतरे को देखते हुए, प्रशासन ने नावें, टेंट और राहत सामग्री की व्यवस्था करके तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बीच, अधिकारी भी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और संवेदनशील क्षेत्रों के निवासियों से सतर्क रहने का आग्रह किया है।

पिछले साल कैसे थे हालात

पिछले साल, भारी बारिश के बावजूद, दिल्ली चेतावनी स्तर को छूने से बाल-बाल बच गई थी। सितंबर के अंत में यमुना का जलस्तर 204.38 मीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। इसके विपरीत, जुलाई 2023 की विनाशकारी बाढ़ में जलस्तर रिकॉर्ड 208.66 मीटर तक पहुंच गया था और हथिनीकुंड से अधिकतम जलस्राव 3.59 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था। मयूर विहार, आईटीओ, सलीमगढ़ बाईपास और सिविल लाइंस जैसे इलाके जलमग्न हो गए थे, जिससे हजारों लोग विस्थापित हुए थे। दिल्ली सरकार की बाढ़ नियंत्रण योजना के अनुसार, पहली चेतावनी आधिकारिक तौर पर तभी जारी की जाती है जब हथिनीकुंड से जलस्राव 1 लाख क्यूसेक से अधिक हो जाता है, जो अभी भी एक लंबा लक्ष्य है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के इस वर्ष के आदेश के अनुसार, "एक बार यह सीमा पार हो जाने पर सेक्टर लेवल कंट्रोल रूम सक्रिय हो जाएंगे, नावें तैनात की जाएंगी और संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी रखी जाएगी।"

दिल्ली और मुंबई का हाल

बता दें कि देश में मॉनसून का सीजन चल रहा है। इस कारण चारों तरफ बारिश देखने को मिल रही है। कई राज्यों में बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, वहीं नदियां और समंदर भी उफान पर हैं। इस कारण कई राज्यों में अलर्ट भी जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर की अगर बात करें तो दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही रुक-रुककर बारिश देखने को मिल रही है। बता दें  दिल्ली में बुधवार की शाम जोरदार बारिश हुई थी। इसके बाद बुधवार के दिन दिल्ली-एनसीआर के काले घने बादल छाए हुए हैं। वहीं कई स्थानों पर बारिश भी देखने को मिली है। इसके अलावा मुंबई के समंदर में हाई टाईड का अलर्ट जारी किया गया है।