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Hindi News एजुकेशन बिना JEE क्वालिफाई के IIT के इस कोर्स में मिलेगा एडमिशन, शुरू हुआ 4 साल का कोर्स, जानें डिटेल्स

बिना JEE क्वालिफाई के IIT के इस कोर्स में मिलेगा एडमिशन, शुरू हुआ 4 साल का कोर्स, जानें डिटेल्स

IIT में पढ़ना चाहते हैं तो ये मौका हाथ से जाने न दें। बता दें कि आईआईटी गुवाहाटी ने नया कोर्स लांच किया है। इस कोर्स के लिए छात्रों को JEE एग्जाम नहीं देना होगा, बल्कि इसमें डायरेक्ट एडमिशन मिल जाएगा।

IIT - India TV Hindi Image Source : FILE IIT गुवाहाटी में शुरू हुआ 4 साल का कोर्स

IIT में पढ़ना चाहते हैं तो ये रहा जबरदस्त चांस। आईआईटी गुवाहाटी ने डेटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एक कोर्स लांच किया है जिसके लिए अब आपको जेईई की परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी, बल्कि आपको वेबसाइट पर डाइरेक्ट आवेदन करना होगा। कोर्स का नाम ऑनलाइन बैचलर ऑफ साइंस (बीएससी ऑनर्स) डिग्री कोर्स है। जो उम्मीदवार इस डिग्री कोर्स  में एडमिशन लेने के इच्छुक हैं वे आधिकारिक वेबसाइट - iitg.ac.in/acad पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि कोर्स के लिए आवेदन 19 जुलाई, 2023 से शुरू होंगे और कक्षाएं अक्टूबर 2023 से चलेंगी।

आयु सीमा में छूट

इस बारे में आईआईटी निदेशक परमेश्वर के. अय्यर ने जानकारी देते हुए बताया, इस कोर्स की कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है। जिस भी छात्र ने 12वीं कक्षा में मैथ सब्जेक्ट से पढ़ाई की है, साइंस, कॉमर्स हो या फिर आर्ट्स का हो, इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकता है। इस नए कोर्स में छात्र को एंट्री व एग्जिट के लिए कई विकल्प दिए जाएंगे। यदि छात्र एक साल के बाद कोर्स छोड़ देता है, तो उसे एक एडवांस्ड सर्टिफिकेट मिलेगा। यदि दूसरे साल के बाद छोड़ देते हैं, तो उन्हें डिप्लोमा मिलता है, तीसरे साल के बाद साधारण बीएससी की डिग्री और 4 साल पूरे होने पर बीएससी ऑनर्स की डिग्री दी जाएगी।

8 सालों में करना होगा पास

इसके अतिरिक्त इस कोर्स के लिए जेईई मेन या जेईई एडवांस्ड के स्कोर की जरूरत नहीं है। पर ऐसे छात्र जो जेईई एडवांस्ड के लिए पात्र थे और जिन्होंने जेईई एडवांस्ड (किसी भी साल में) के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, वह इस कोर्स में डाइरेक्ट कोर्स पा सकते हैं। अन्य सभी छात्रों को एक-एक ऑनलाइन कोर्स पूरा करना होगा, इसके बाद उनके प्रदर्शन के आधार पर छात्र को 4 वर्षीय बीएससी ऑनर्स कोर्स में एडमिशन मिलेगा। बता दें कि इस कोर्स को पूरा करने के लिए छात्रों को कुल 8 साल मिलेंगे। पठन-पाठन सामग्री ऑनलाइन ही मुहैया कराई जाएगी।

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