दिल्ली के स्कूलों में EWS कैटेगरी से बच्चों का करवाना है एडमिशन तो फॉलों करें गाइडलाइन, सरकार ने किए हैं जारी
शिक्षा निदेशालय ने एक सर्कुलर जारी किया है। जिसमें बताया गया कि EWS कैटेगरी के अभिभावकों को बच्चों के एडमिशन के लिए क्या-क्या जरूरी है।

दिल्ली में अगर आप अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में एडमिशन करवाना चाहते हैं और आप ईडब्ल्यूएस कैटेगरी से आते हैं तो ये खबर आपके काम की है। दिल्ली के शिक्षा निदेशालय ने EWS कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए एडमिशन से संबंधित कुछ गाइडलाइन जारी किए हैं, जिसे फॉलो कर आप अपने बच्चों का एडमिशन किसी अच्छे स्कूल में करवा सकते हैं। EWS कैटेगरी, वंचित समूहों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की श्रेणियों के तहत दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में एंट्री लेवल की कक्षाओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 2 फरवरी से शुरू होगा।
जारी सर्कुलर में, दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने शहर के प्राइवेट गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूलों में ईडब्ल्यूएस (EWS)/disadvantaged groups (DG) और सीडब्ल्यूएसएन (children with special needs) के तहत नर्सरी, किंडरगार्टन और कक्षा 1 के लिए एडमिशन प्रक्रिया के लिए गाइडलाइन तैयार की है।
क्या है गाइडलाइन?
- शिक्षा निदेशालय ने कहा कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 3 फरवरी से शुरू होगी और आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 19 फरवरी है। चयनित छात्रों के लिए कम्प्यूटरीकृत ड्रॉ के पहले दौर की घोषणा 3 मार्च को की जाएगी।
- गाइडलाइन में कहा गया, 31 मार्च तक ईडब्ल्यूएस और डीजी श्रेणियों के तहत छात्रों के लिए एडमिशन की आयु सीमा नर्सरी के लिए तीन से पांच वर्ष, केजी के लिए चार से छह वर्ष तथा कक्षा 1 के लिए पांच से सात वर्ष के बीच है।
- आगे कहा गया कि सीडब्ल्यूएसएन (children with special needs) के लिए आयु सीमा अधिक लचीली है, जिसके तहत नर्सरी के लिए तीन से सात वर्ष, केजी के लिए चार से आठ वर्ष और कक्षा 1 के लिए पांच से नौ वर्ष की आयु के बच्चे आवेदन कर सकते हैं।
- शिक्षा विभाग के गाइडलाइन के अनुसार, ईडब्ल्यूएस श्रेणी उन परिवारों के बच्चों पर लागू होती है, जिनकी वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम है और जिनके पास दिल्ली के राजस्व विभाग से आय प्रमाण पत्र है।
- इसमें कहा गया है, "गरीबी रेखा से नीचे या अंत्योदय अन्न योजना राशन कार्ड रखने वाले परिवार भी इन श्रेणियों के तहत एडमिशन के लिए पात्र हैं।"
- आगे कहा गया है कि डीजी श्रेणी में एससी, एसटी, ओबीसी, अनाथ, ट्रांसजेंडर बच्चे और एचआईवी से प्रभावित बच्चे शामिल हैं।
- इसके अलावा, विकलांग बच्चों को सरकार द्वारा जारी विकलांगता प्रमाण पत्र दिखाना होगा। डीओई ने कहा कि उनके लिए आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है।