ओडिशा में प्राथमिक शिक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत अगर कोई छात्र एक सप्ताह या उससे अधिक समय तक स्कूल में अनुपस्थित रहता है, तो स्कूल प्रशासन को उसके घर जाकर जानकारी लेनी होगी। यह निर्देश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग यानी OSCPCR की गाइडलाइन के बाद जारी किया गया है। एडवाइजरी का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से दूर न रह जाए और उसकी अनुपस्थिति के पीछे के असली कारण सामने आ सकें।
जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, अगर कोई छात्र लगातार एक वीक या उससे ज्यादा समय तक स्कूल नहीं आता है, तो स्कूल के शिक्षक या संबंधित अधिकारी उसके घर जाएंगे। वहां जाकर यह पता लगाया जाएगा कि छात्र स्कूल क्यों नहीं आ रहा है। कारण जानने के बाद, स्कूल प्रशासन को जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने होंगे, ताकि छात्र को दोबारा स्कूल से जोड़ा जा सके।
जिला शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को दी गई जिम्मेदारी
इस एडवाइजरी को तुरंत लागू करने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को दी गई है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस आदेश का पालन सुनिश्चित करें और इसकी रिपोर्ट भी दें।
शिक्षा में रुकावट के सामाजिक कारणों की होगी पहचान
इस पहल के जरिए ओडिशा का शिक्षा तंत्र यह संदेश देना चाहता है कि हर बच्चे की पढ़ाई अहम है। साथ ही, यह कदम उन सामाजिक कारणों को भी पहचानने में मदद करेगा, जो बच्चों की शिक्षा में रुकावट बनते हैं। सरकार का साफ कहना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से न चूके और हर बच्चे को सुरक्षित व बेहतर भविष्य का मौका मिले।
रिपोर्ट: शुभम कुमार की रिपोर्ट
ये भी पढ़ें- भारत का सबसे बड़ा जिला कौन सा है, किस राज्य में है स्थित? कुछ तो स्टेट भी हैं इससे छोटे; जान लें
Latest Education News