नेशनल काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) की किताब विवाद के बीच, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने SC को बताया कि केंद्र ने NCERT को सभी क्लास की टेक्स्टबुक्स का रिव्यू करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि अगर केंद्र NCERT से पूछने के बजाय करिकुलम को रिव्यू करने के लिए एक्सपर्ट कमिटी बनाए तो बेहतर होता। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने SC को भरोसा दिलाया कि डोमेन एक्सपर्ट्स का पैनल करिकुलम की जांच करेगा। सर्वोच्च न्यायालय को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि हमने NCERT में सिस्टमिक बदलाव शुरू कर दिए हैं, डोमेन एक्सपर्ट्स से जांचे बिना कुछ भी पब्लिश नहीं किया जाएगा।
सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र, राज्यों और विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे एनसीईआरटी की कक्षा आठ की पुस्तक में विवादास्पद अध्याय का मसौदा तैयार करने वाले तीन विशेषज्ञों से दूरी बनाएं।
इससे पहले NCERT ने मांगी थी माफी
इससे पहले NCERT ने क्लास 8 की बुक के ज्यूडिशियरी चैप्टर पर बिना शर्त माफी मांगी थी। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग यानी NCERT ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया था। पोस्ट में लिखा, "नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने हाल ही में सोशल साइंस की किताब, 'एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड,' ग्रेड 8 (पार्ट II) पब्लिश की है, जिसमें चैप्टर IV था जिसका टाइटल था 'हमारे समाज में ज्यूडिशियरी की भूमिका।' NCERT के डायरेक्टर और सदस्य, चैप्टर IV के लिए बिना किसी शर्त के माफ़ी मांगते हैं। पूरी किताब वापस ले ली गई है और अब उपलब्ध नहीं है।"
पोस्ट में आगे लिखा था, "हमें हुई परेशानी के लिए खेद है और हम सभी स्टेकहोल्डर्स की समझदारी की तारीफ करते हैं। NCERT एजुकेशनल कंटेंट में एक्यूरेसी, सेंसिटिविटी और जिम्मेदारी के सबसे ऊंचे स्टैंडर्ड बनाए रखने के लिए कमिटेड है।"
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