A
  1. Hindi News
  2. लोकसभा चुनाव 2024
  3. झारखण्ड विधान सभा चुनाव 2019
  4. 1995 के बाद पहली बार चुनाव हारेंगे रघुबर दास, विस अध्‍यक्ष के साथ दो मंत्री भी हार की कगार पर

1995 के बाद पहली बार चुनाव हारेंगे रघुबर दास, विस अध्‍यक्ष के साथ दो मंत्री भी हार की कगार पर

झारखंड में स्वास्थ्य मंत्रियों को अगले चुनाव में कभी जीत नहीं मिली। जनता ने उनके सियासी स्वास्थ को खराब किया है।

Jharkhand CM, Speaker with two other minister trailing in assembly vote count- India TV Hindi
Jharkhand CM, Speaker with two other minister trailing in assembly vote count

नई दिल्‍ली। झारखंड विधान सभा चुनाव में जमशेदपुर पूर्व सीट से निर्वतमान मुख्‍यमंत्री रघुबार दास को भाजपा से बागी निर्दलीय उम्‍मीदवार सरयु राय से कड़ी टक्‍कर मिल रही है। दास यहां 4,000 से अधिक वोटों से पीछे चल रहे हैं। रघुबार दास 1995 से लगातार जमशेदपुर पूर्व सीट से जीत हासिल कर रहे हैं। यह पहली बार है कि उन्‍हें हार का मूंह देखना पड़ेगा। इसी के साथ झारखंड की वह परंपरा भी जारी बनी रहेगी, जिसमें मौजूदा मुख्‍यमंत्री को अपनी सीट गंवानी पड़ी है।

अभी तक जमशेदपुर पूर्व सीट पर 53,144 वोटों की गिनती की जा चुकी है, जिसमें से रघुबर दास को 18,874 वोट और सरयु राय को 23,517 वोट मिले हैं। जमशेदपुर पूर्व 81 विधान सभा सीटों वाले राज्‍य में प्रमुख विधान सभा है। झारखंड में पांच चरणों में चुनाव हुए हैं।

झारखंड के विधान सभा अध्‍यक्ष दिनेश ओरौन भी सिसई सीट से 14,000 वोटों से पीछे चल रहे हैं। ओरौन को 28,403 वोट मिले हैं, ज‍बकि उनके प्रतिद्वंदि झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्‍मीदवार ज‍िगा सुसारन होरो को 49,024 वोट मिले हैं।

राज्‍य के श्रम मंत्री राज पालीवार भी मधुपुर सीट पर 10,000 वोटों से पीछे चल रहे हैं। झारखंड के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी भी पलामू के विश्रामपुर सीट पर पीछे चह रहे हैं। झारखंड में अब तक जितने भी चुनाव हुए हैं, मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री को अपनी सीट गंवानी पड़ी है। इसी रोचक मिथक में रामचंद्र चंद्रवंशी भी पलामू के विश्रामपुर सीट से फंसे हुए हैं।

झारखंड में स्वास्थ्य मंत्रियों को अगले चुनाव में कभी जीत नहीं मिली। जनता ने उनके सियासी स्वास्थ को खराब किया है। राज्य के पहले स्वास्थ्य मंत्री दिनेश षाड़ंगी से लेकर राजेन्द्र प्रसाद सिंह तक की बात करें, तो अगली बार इनमें से कोई चुनाव जीतकर विधानसभा नहीं पहुंचा है।