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NOTA से भी गई गुजरी स्थिति में पहुंची AAP, जमानत नहीं बचा सके केजरीवाल के उम्मीदवार!

राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में तीसरी शक्ति बनने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी की करारी हार हुई है। आप के ज्यादातर प्रत्याशी जमानत भी नहीं बचा सके।

arvind kejriwal- India TV Hindi
arvind kejriwal

नई दिल्ली: राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में तीसरी शक्ति बनने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) की करारी हार हुई है। आप के ज्यादातर प्रत्याशी जमानत भी नहीं बचा सके। इन राज्यों में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी के वोट शेयर NOTA से कम है। छत्‍तीसगढ़ और एमपी में इसे मिले वोटों का प्रतिशत नोटा को मिले वोटों के आधे से भी कम है। राजस्‍थान, जहां पार्टी ने सभी 200 सीटों पर उम्‍मीदवार उतारे थे, वहां नोटा को पड़े वोट पार्टी को मिले वोटों के तीन गुना से ज्‍यादा हैं।

राजस्थान में 1.3 प्रतिशत (422542), मध्य प्रदेश में 1.5 प्रतिशत (375805) और छत्तीसगढ़ में 2.2 प्रतिशत (157346) वोट NOTA को गए हैं। जबकि आम आदमी पार्टी को राजस्थान में 0.4 प्रतिशत (120778), मध्य प्रदेश में 0.7% (169377) और छत्तीसगढ़ में 0.9 प्रतिशत (66431) वोट मिले हैं।

चुनाव आयोग के मुताबिक राजस्थान में आम आदमी पार्टी को 0.4 प्रतिशत वोट मिले हैं वहीं, 1.4 प्रतिशत मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया है।

rajasthan

मध्य प्रदेश में आम आदमी पार्टी को 0.7 प्रतिशत वोट मिले हैं वहीं 1.5 प्रतिशत मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया है।

madhya pradesh

छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी को 0.9 प्रतिशत वोट मिले हैं वहीं 2.2 प्रतिशत मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया है।

chhattisgarh

विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने पहले माहौल तो खूब बनाया, मगर जमीनी हकीकत पर अंतिम दौर यह दल कमजोर नजर आया। इसके चलते पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मध्यप्रदेश में चुनाव प्रचार से दूरी बनाई।